उद्घाटन के 3 महीने बाद ही दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे जांच के घेरे में!: 12,000 करोड़ के प्रोजेक्ट्स में आई कई खामियाँ, 23 जगहों पर...अब SIT जाँच...जानें पूरा मामला
उद्घाटन के 3 महीने बाद ही दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे जांच के घेरे में!

नई दिल्ली/बागपत : करीब 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे उद्घाटन के कुछ ही महीनों बाद सवालों के घेरे में आ गया है। पहली ही बारिश में कई स्थानों पर सड़क धंसने, गड्ढे बनने और किनारों पर मिट्टी कटने की घटनाओं के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बड़ा कदम उठाते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है। अब एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता की तकनीकी जांच की जाएगी और जहां भी खामियां मिलेंगी, वहां संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बारिश के बाद सामने आईं कई गंभीर खामियां

आपकी जानकारी के लिए बता दें क़ि मानसून की पहली बारिश के बाद एक्सप्रेसवे के कई हिस्सों में सड़क पर गड्ढे बनने, किनारों की मिट्टी कटने और सुरक्षा रेलिंग झुकने जैसी समस्याएं सामने आईं। इन घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुए, जिसके बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया और NHAI को जांच के आदेश देने पड़े।

23 स्थानों से लिए जाएंगे सड़क के नमूने

गौरतलब है क़ि SIT एक्सप्रेसवे के 23 अलग-अलग स्थानों पर सड़क की तकनीकी जांच करेगी। इसके लिए सड़क की परतों की कोर कटिंग कर दो से तीन नमूने लिए जाएंगे। इन सैंपलों की लैब में जांच होगी, जिससे यह पता लगाया जाएगा कि निर्माण निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार हुआ था या नहीं।

रात में होगी जांच, जरूरत पड़ने पर रूट डायवर्जन

यातायात प्रभावित न हो, इसलिए तकनीकी जांच रात के समय की जाएगी। जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर कुछ स्थानों पर अधिकतम छह घंटे के लिए रूट डायवर्जन भी किया जा सकता है। NHAI का कहना है कि यात्रियों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए पहले से सूचना जारी की जाएगी।

विशेषज्ञों की टीम करेगी तकनीकी ऑडिट

विदित है क़ि SIT में NHAI के अधिकारी, स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट एजेंसी, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता और प्राधिकरण के इंजीनियर शामिल किए गए हैं। टीम सड़क की परतों, निर्माण सामग्री और अन्य तकनीकी मानकों की गहन जांच करेगी।

खामियां मिलने पर ठेकेदारों पर होगी कार्रवाई

NHAI ने स्पष्ट किया है कि जांच में जहां भी निर्माण में लापरवाही या गुणवत्ता में कमी मिलेगी, वहां संबंधित ठेकेदार से अपने खर्च पर मरम्मत कराई जाएगी। साथ ही दोषी एजेंसियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पहले भी हुई थी कार्रवाई

पहली बारिश के बाद सड़क धंसने की घटनाओं के चलते NHAI पहले ही निर्माण से जुड़ी कुछ कंपनियों के अधिकारियों पर कार्रवाई कर चुका है। कुछ अधिकारियों को हटाया गया, जबकि कई इंजीनियरों और संबंधित एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए थे।

दो महीने तक चलेगी पूरी जांच

अधिकारियों के अनुसार एक्सप्रेसवे की तकनीकी जांच करीब दो महीने तक चलेगी। इस दौरान पूरे मार्ग का विस्तृत निरीक्षण किया जाएगा ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना या निर्माण संबंधी समस्या से बचा जा सके। जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक सुधार कार्य भी शुरू किए जाएंगे।

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