नई दिल्ली : दिल्ली में ट्रैफिक चालान को लेकर लागू की गई नई व्यवस्था पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। वकीलों के लगातार विरोध और हड़ताल के बाद दिल्ली सरकार ने 14 सितंबर 2026 को जारी उस नोटिफिकेशन के अमल पर रोक लगा दी है, जिसके तहत चालान को चुनौती देने वाले व्यक्ति को अदालत जाने से पहले जुर्माने की 50% राशि जमा करनी पड़ सकती थी।
वकीलों के विरोध के बाद सरकार ने लिया यू-टर्न
आपको बता दें कि नए चालान सिस्टम को लेकर दिल्ली की जिला अदालतों से जुड़े बार एसोसिएशनों ने आपत्ति जताई थी। वकीलों का कहना था कि नई व्यवस्था से चालान विवादों में लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। विरोध बढ़ने के बाद सरकार ने फिलहाल इस व्यवस्था को लागू नहीं करने का फैसला किया है। दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि वकीलों की ओर से उठाई गई चिंताओं, शिकायतों और सुझावों को गंभीरता से लिया गया है। परिवहन विभाग इन सभी पहलुओं की जांच करेगा। मामले की जानकारी उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री को भी दी जाएगी।
क्या था नया चालान सिस्टम?
गौरतलब है कि नए प्रावधान के तहत ट्रैफिक चालान मिलने के बाद वाहन मालिक के सामने मुख्य रूप से दो विकल्प रखे गए थे। पहला, वह चालान स्वीकार करके निर्धारित जुर्माना जमा कर दे। दूसरा, अगर उसे लगता है कि चालान गलत है तो वह उसे चुनौती दे सकता है। चालान को चुनौती देने वाले व्यक्ति को निर्धारित समय सीमा के भीतर जरूरी दस्तावेजों के साथ संबंधित अधिकारी के सामने अपना पक्ष रखने की व्यवस्था की गई थी।
सबसे बड़ा विवाद 50% जुर्माने को लेकर
वकीलों की सबसे बड़ी आपत्ति उस प्रावधान को लेकर थी, जिसके अनुसार अगर संबंधित अधिकारी के सामने चालान के खिलाफ की गई चुनौती खारिज हो जाती है और व्यक्ति आगे अदालत का दरवाजा खटखटाना चाहता है, तो उसे पहले चालान की 50% राशि जमा करनी पड़ सकती थी। बार एसोसिएशनों ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि अदालत में चुनौती देने से पहले जुर्माने का एक बड़ा हिस्सा जमा कराने की शर्त लोगों के लिए परेशानी पैदा कर सकती है।
अधिकारियों को सुनवाई का अधिकार देने पर भी सवाल
आपको बता दें कि वकीलों की ओर से एक और महत्वपूर्ण आपत्ति यह थी कि नई व्यवस्था के तहत राज्य सरकार को चालान से जुड़े विवादों की सुनवाई और निपटारे के लिए अधिकारियों को नियुक्त करने की भूमिका दी गई थी। इसी वजह से बार एसोसिएशनों ने इस व्यवस्था को लेकर अपनी चिंताएं सरकार के सामने रखीं।
फिलहाल पुराने तरीके से ही चलेगा सिस्टम
सरकार के ताजा फैसले के बाद 14 सितंबर को जारी नोटिफिकेशन को आगे के निर्णय तक लागू नहीं किया जाएगा। यानी 50% जुर्माना पहले जमा करने वाली नई व्यवस्था पर फिलहाल ब्रेक लग गया है।
अब परिवहन विभाग वकीलों की आपत्तियों और सुझावों की समीक्षा करेगा। इसके बाद सरकार आगे की व्यवस्था को लेकर निर्णय लेगी। ऐसे में दिल्ली के वाहन चालकों के लिए फिलहाल सबसे अहम बात यही है कि नए 50% प्री-डिपॉजिट नियम को तत्काल लागू नहीं किया जा रहा है।