Google Play Store में बड़ा बदलाव!: कल से बदल जाएंगे ऐप डाउनलोड के नियम, अब एक ही जगह मिलेंगे कई ऐप स्टोर और...एंड्रॉयड यूजर्स के लिए बदलाव और फायदें_एक नज़र
Google Play Store में बड़ा बदलाव!

तकनीकी: दुनिया के सबसे बड़े ऐप प्लेटफॉर्म Google Play Store में 22 जुलाई से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। लंबे समय तक चले कानूनी विवाद के बाद अब गूगल को अपने प्ले स्टोर के भीतर ही थर्ड-पार्टी ऐप स्टोर्स को जगह देनी होगी। यानी अब यूजर्स को एक ही प्लेटफॉर्म पर कई ऐप स्टोर दिखाई दे सकते हैं। इस बदलाव का मकसद ऐप मार्केट में प्रतिस्पर्धा बढ़ाना है, लेकिन इसके साथ सुरक्षा और मालवेयर को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस विवाद की शुरुआत वर्ष 2020 में हुई थी। गेम डेवलपर कंपनी Epic Games ने अपने लोकप्रिय गेम Fortnite में गूगल और एप्पल के आधिकारिक पेमेंट सिस्टम के बजाय अपना अलग भुगतान विकल्प जोड़ दिया था। इससे दोनों कंपनियों को मिलने वाला कमीशन बच जाता था। गूगल और एप्पल ने इसे अपने नियमों का उल्लंघन बताते हुए Fortnite को अपने-अपने ऐप स्टोर से हटा दिया। इसके बाद एपिक गेम्स ने गूगल के खिलाफ एंटीट्रस्ट मुकदमा दायर किया।

कोर्ट में गूगल को क्यों झटका लगा?

गौरतलब है कि सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि गूगल ने एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म पर प्रतिस्पर्धा को सीमित करने वाले कुछ कदम उठाए थे। कोर्ट ने पाया कि अन्य ऐप स्टोर्स को पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे थे। इसके बाद अदालत ने गूगल को कई बदलाव लागू करने के निर्देश दिए। इसी के तहत अब गूगल को अपने प्ले स्टोर में अन्य ऐप स्टोर्स को भी स्थान देना होगा।

22 जुलाई से क्या बदलेगा?

नए नियम लागू होने के बाद योग्य थर्ड-पार्टी ऐप स्टोर्स को Google Play Store के भीतर जगह मिल सकेगी। इससे यूजर्स को ऐप डाउनलोड करने के लिए पहले की तुलना में अधिक विकल्प मिलेंगे। हालांकि यह सुविधा शुरुआत में मुख्य रूप से अमेरिका के यूजर्स के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।

क्या एंड्रॉयड फोन की सुरक्षा पर असर पड़ेगा?

विदित है कि इस फैसले के बाद कई लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या अब एंड्रॉयड फोन में वायरस या मालवेयर का खतरा बढ़ जाएगा। गूगल का कहना है कि ऐसा नहीं होगा। कंपनी ने नए ऐप स्टोर्स के लिए कड़े सुरक्षा मानक तय किए हैं। हर ऐप स्टोर को अपने प्लेटफॉर्म पर मालवेयर रोकने, कॉपीराइट नियमों का पालन करने और यूजर्स को सुरक्षित तरीके से ऐप अपडेट व अनइंस्टॉल करने की सुविधा देनी होगी। यदि किसी थर्ड-पार्टी ऐप स्टोर के 1 प्रतिशत से अधिक ऐप्स में मालवेयर पाया जाता है, तो गूगल उसे अपने प्रोग्राम से तुरंत बाहर कर सकता है।

नए ऐप स्टोर्स के लिए क्या होंगे नियम?

गूगल ने नए ऐप स्टोर संचालकों के लिए कुछ जरूरी शर्तें भी तय की हैं।

  • प्ले स्टोर कैटलॉग तक निर्धारित नियमों के तहत पहुंच।
  • डेवलपर्स को अपने ऐप अन्य स्टोर्स में न दिखाने का विकल्प।
  • सुरक्षा और नियमों के पालन के लिए सालाना 5,000 अमेरिकी डॉलर की कंप्लायंस फीस।
  • यूजर्स की सुरक्षा और डेटा संरक्षण के नियमों का पालन अनिवार्य।

यूजर्स और डेवलपर्स को क्या फायदा होगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से ऐप मार्केट में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। डेवलपर्स के पास अपने ऐप वितरित करने के अधिक विकल्प होंगे, जबकि यूजर्स को कई ऐप स्टोर्स तक आसान पहुंच मिल सकेगी। साथ ही भविष्य में कुछ ऐप्स और सेवाएं कम कीमत पर उपलब्ध होने की संभावना भी बढ़ सकती है।

क्या भारत में भी दिखेगा बदलाव?

फिलहाल Google का नया Registered App Store Program वैश्विक स्तर पर लागू किया जा रहा है, लेकिन Play Store के होमपेज पर थर्ड-पार्टी ऐप स्टोर्स दिखाने की सुविधा शुरुआती चरण में मुख्य रूप से अमेरिका के यूजर्स के लिए शुरू की जाएगी। आने वाले समय में इसका दायरा अन्य देशों तक भी बढ़ सकता है।

अन्य खबरे