जेवर एयरपोर्ट; फ्लाइट के साथ बुलेट ट्रेन और रैपिड रेल जैसी सुविधाएं भी!: बनेगा नया रेलवे स्टेशन, मेट्रो और बस स्टेशन से भी जुड़ेगा एयरपोर्ट, वहीं बोड़ाकी में...जानें कैसे देश भर से कनेक्ट होगा एयरपोर्ट, रूट व सुविधाएं_एक नजर
जेवर एयरपोर्ट; फ्लाइट के साथ बुलेट ट्रेन और रैपिड रेल जैसी सुविधाएं भी!

नोएडा : नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब सिर्फ हवाई सफर का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में यह देश के सबसे बड़े मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब में बदलने जा रहा है। यहां यात्रियों को एक ही जगह फ्लाइट, नमो भारत रैपिड रेल, बुलेट ट्रेन, मेट्रो, रेलवे और बस सेवाओं की सुविधा मिलेगी। जेवर में बना नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भविष्य में दिल्ली-NCR ही नहीं, बल्कि उत्तर भारत की कनेक्टिविटी की तस्वीर बदलने वाला है। 

15 जून से शुरु हुई शुरुआत :

आपको बता दें कि 15 जून से एयरपोर्ट पर यात्री उड़ानों की शुरुआत के साथ एक नए अध्याय की शुरुआत हुई। पहली फ्लाइट लखनऊ से नोएडा एयरपोर्ट पहुंची और इसके साथ ही जेवर एयरपोर्ट देश के एविएशन मैप पर शामिल हो गया। आने वाले समय में यहां से बेंगलुरु, हैदराबाद, अमृतसर, चंडीगढ़, श्रीनगर, देहरादून, धर्मशाला, जयपुर, लखनऊ, भोपाल और पंतनगर जैसे कई शहरों के लिए कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। एयरपोर्ट से 16 से ज्यादा शहरों को जोड़ने की तैयारी है।

जेवर बनेगा भविष्य का सुपर ट्रांसपोर्ट हब

गौरतलब है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि यात्री विमान से उतरने के बाद सीधे ट्रेन, मेट्रो, बस या हाईस्पीड रेल से आगे का सफर कर सकें।

यहां तैयार हो रहा नेटवर्क शामिल करेगा—

* नमो भारत रैपिड रेल (RRTS)
* दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन
* नोएडा मेट्रो कनेक्टिविटी
* जेवर रेलवे स्टेशन
* बस टर्मिनल
* मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब

इससे जेवर और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में निवेश, उद्योग, रोजगार और रियल एस्टेट को बड़ी रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

गाजियाबाद से जेवर तक दौड़ेगी नमो भारत ट्रेन

नोएडा एयरपोर्ट को दिल्ली-NCR से जोड़ने के लिए गाजियाबाद-जेवर एयरपोर्ट नमो भारत कॉरिडोर की योजना तैयार की गई है। करीब 72 किलोमीटर लंबे इस रूट से गाजियाबाद से एयरपोर्ट तक का सफर लगभग 50 से 60 मिनट में पूरा हो सकेगा।

यह कॉरिडोर गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से शुरू होकर—

* नोएडा सेक्टर-62
* सेक्टर-71
* नोएडा सिटी सेंटर
* NSEZ
* सूरजपुर
* कासना
* परी चौक
* यमुना अथॉरिटी क्षेत्र
* नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट

तक पहुंचने की योजना है।

इसका फायदा यह होगा कि मेरठ, दिल्ली और गाजियाबाद के यात्री बिना ट्रेन बदले सीधे एयरपोर्ट तक पहुंच सकेंगे।

बुलेट ट्रेन से सिर्फ 21 मिनट में दिल्ली से एयरपोर्ट

नोएडा एयरपोर्ट को दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर से जोड़ने की भी योजना है। दिल्ली के बाद इस रूट का पहला बड़ा स्टेशन नोएडा एयरपोर्ट होगा। यह लाइन—दिल्ली सराय काले खां → नोएडा एयरपोर्ट → अ

हाईस्पीड रेल शुरू

लीगढ़ → मथुरा → आगरा → कानपुर → लखनऊ → सुल्तानपुर → प्रयागराज → वाराणसी

तक प्रस्तावित है।

होने के बाद दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट तक पहुंचने में करीब 21 मिनट लग सकते हैं।

मेट्रो से भी जुड़ेगा नोएडा एयरपोर्ट

आपको बता दें कि नोएडा एयरपोर्ट को दिल्ली-NCR के मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी है। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-2 से मेट्रो लाइन यमुना एक्सप्रेसवे के साथ आगे बढ़ते हुए सीधे एयरपोर्ट तक जाएगी। भविष्य में दिल्ली एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन और NCR के दूसरे मेट्रो नेटवर्क से भी बेहतर कनेक्टिविटी तैयार की जाएगी।

एयरपोर्ट के पास बनेगा जेवर रेलवे स्टेशन

नोएडा एयरपोर्ट को भारतीय रेलवे नेटवर्क से जोड़ने के लिए नया जेवर रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा। इसे एयरपोर्ट के ग्राउंड ट्रांसपोर्ट सेंटर से अंडरग्राउंड कनेक्टिविटी के जरिए जोड़ा जाएगा। चोला-रुंधी (पलवल) रेलवे प्रोजेक्ट के तहत कई नए स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें—

* रुंधी
* चांदहट
* जेवर खादर
* जेवर एयरपोर्ट स्टेशन
* जहांगीरपुर
* बीघापुर
* चोला

शामिल हैं।

वंदे भारत और बड़ी ट्रेनें भी पहुंच सकेंगी एयरपोर्ट तक

नई रेल कनेक्टिविटी बनने के बाद वंदे भारत, राजधानी, शताब्दी और तेजस जैसी ट्रेनें भी एयरपोर्ट क्षेत्र से जुड़ सकेंगी। इससे पूर्वांचल, बिहार, कोलकाता, दक्षिण और पश्चिम भारत से आने वाले यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा।

जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने वाली प्रमुख रेल लाइनें—

* पलवल तक करीब 28 किमी लाइन
* खुर्जा तक करीब 33 किमी लाइन
* चोला तक करीब 20 किमी लाइन

प्रस्तावित हैं।

849 एकड़ में बनेगा बड़ा लॉजिस्टिक्स हब

आपको बता दें कि नोएडा एयरपोर्ट के पास दादरी-बोड़ाकी क्षेत्र में विशाल मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब तैयार किया जा रहा है। करीब 849 एकड़ में बनने वाला यह हब उत्तर भारत का बड़ा कार्गो सेंटर बनेगा। यहां—

ग्रेटर नोएडा के बोड़ाकी में करीब 360 एकड़ में मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब बनाया जा रहा है। यहां—

* स्मार्ट वेयरहाउस
* कोल्ड स्टोरेज
* कंटेनर सुविधा
* कस्टम क्लीयरेंस

जैसी सुविधाएं मिलेंगी। यह ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से भी जुड़ेगा।

बोड़ाकी में बस, ट्रेन और मेट्रो एक जगह

* बड़ा रेलवे टर्मिनल
* ISBT बस अड्डा
* लोकल बस सेवा
* मेट्रो स्टेशन

एक ही जगह उपलब्ध होंगे।

भविष्य में पॉड टैक्सी और एक्सप्रेसवे के जरिए इसे करीब 40 किलोमीटर दूर नोएडा एयरपोर्ट से जोड़ा जाएगा।

NCR की तस्वीर बदलने वाला प्रोजेक्ट

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट सिर्फ एक एयरपोर्ट नहीं बल्कि भविष्य का ऐसा ट्रांसपोर्ट सेंटर बनने जा रहा है, जहां हवाई जहाज से लेकर हाईस्पीड ट्रेन तक सभी सुविधाएं मिलेंगी। इससे दिल्ली-NCR की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, पर्यटन बढ़ेगा, उद्योगों को फायदा मिलेगा और लाखों रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

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