लाइफस्टाइल : आज के समय में मोबाइल फोन हमारी जिंदगी का ऐसा हिस्सा बन चुका है कि लोग कुछ मिनट भी इससे दूर नहीं रहना चाहते। सुबह उठते ही फोन देखना हो या टॉयलेट में बैठकर सोशल मीडिया स्क्रॉल करना, यह आदत अब आम होती जा रही है। कई लोग टॉयलेट में बैठकर वीडियो देखते हैं, चैट करते हैं या खबरें पढ़ते रहते हैं। लेकिन यही आदत अनजाने में उनकी सेहत के लिए परेशानी पैदा कर सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, टॉयलेट में मोबाइल चलाने की सबसे बड़ी समस्या यह है कि लोग जरूरत से ज्यादा देर तक सीट पर बैठे रहते हैं। इसके अलावा, फोन पर कीटाणु पहुंचने और गलत मुद्रा में बैठने से भी परेशानी हो सकती है।
1. लंबे समय तक बैठने से बढ़ सकता है बवासीर का जोखिम
आपको बता दें कि टॉयलेट में मोबाइल चलाते समय कई लोग पांच मिनट के काम के लिए 15 से 20 मिनट तक बैठे रहते हैं। लंबे समय तक टॉयलेट सीट पर बैठने से गुदा क्षेत्र की नसों पर दबाव पड़ सकता है। खासकर कब्ज होने या मल त्याग के दौरान जोर लगाने की आदत के साथ यह बवासीर का जोखिम बढ़ा सकता है। कुछ लोगों में गुदा के आसपास दर्द, सूजन या फिशर जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए मल त्याग में जरूरत से ज्यादा समय बिताने से बचना चाहिए। हालांकि, केवल मोबाइल चलाने से ही बवासीर होना तय नहीं है।
2. मोबाइल बन सकता है कीटाणुओं के संपर्क का जरिया
गौरतलब है कि टॉयलेट में मोबाइल ले जाने पर उसकी सतह पर बैक्टीरिया और दूसरे सूक्ष्मजीव पहुंच सकते हैं। फ्लश करने के दौरान पानी की छोटी बूंदें और कण आसपास फैल सकते हैं, जिनमें कुछ सूक्ष्मजीव मौजूद हो सकते हैं। समस्या तब बढ़ती है, जब उसी फोन को इस्तेमाल करने के बाद व्यक्ति बिना हाथ धोए खाना खाता है या अपने चेहरे और मुंह को छूता है। इससे संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ सकती है। हालांकि, फोन पर कीटाणु मिलने का अर्थ यह नहीं है कि उनसे बीमारी होना निश्चित है।
3. गर्दन और पीठ में दर्द की भी हो सकती है शिकायत
टॉयलेट में बैठकर लगातार नीचे झुककर मोबाइल देखने से गर्दन, कंधों और पीठ की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है। लंबे समय तक ऐसी मुद्रा में रहने से दर्द और अकड़न की समस्या हो सकती है। अगर किसी व्यक्ति को पहले से कमर या गर्दन में दर्द रहता है, तो गलत तरीके से लंबे समय तक बैठना परेशानी बढ़ा सकता है। इसलिए मोबाइल देखते समय ही नहीं, बल्कि टॉयलेट में भी शरीर की मुद्रा का ध्यान रखना जरूरी है।
4. ध्यान भटकने से बढ़ सकती है मोबाइल की आदत
टॉयलेट में मोबाइल चलाने से समय का अंदाजा नहीं रहता। सोशल मीडिया, गेम और वीडियो में व्यस्त होकर व्यक्ति जरूरत से ज्यादा देर तक बैठा रह सकता है। बार-बार फोन देखने की आदत रोजमर्रा के कामों में भी समय बर्बाद कर सकती है।
इस आदत से बचने के लिए क्या करें?
टॉयलेट जाते समय मोबाइल फोन बाहर ही छोड़ दें।
मल त्याग के लिए अनावश्यक रूप से लंबे समय तक न बैठें।
कब्ज से बचने के लिए पर्याप्त पानी पिएं, फाइबर वाला भोजन करें और नियमित शारीरिक गतिविधि रखें।
टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद साबुन से हाथ अच्छी तरह धोएं।
फोन की सफाई उसके निर्माता के निर्देशों के अनुसार करें।
मल में खून आने, लगातार दर्द या कब्ज की समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह लें।
याद रखें, मोबाइल खुद बीमारी नहीं है, लेकिन टॉयलेट में उसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल आपकी कुछ स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है। छोटी-सी आदत बदलकर आप स्वच्छता का ध्यान रख सकते हैं और टॉयलेट में अनावश्यक रूप से लंबे समय तक बैठने से भी बच सकते हैं।