हरियाणा : नए साल से ठीक पहले हरियाणा सरकार ने प्रदेश पुलिस के शीर्ष पद पर बड़ा बदलाव कर दिया है। 31 दिसंबर की शाम मौजूदा डीजीपी ओपी सिंह के रिटायरमेंट के साथ ही सरकार ने 1992 बैच के सख्त, बेबाक और एक्शन-ओरिएंटेड आईपीएस अधिकारी अजय सिंघल को हरियाणा का नया डीजीपी नियुक्त कर दिया। यह आदेश आते ही पुलिस महकमे के गलियारों में हलचल मच गई क्योंकि अजय सिंघल को “एक्शन सिंघल” और “जीरो टॉलरेंस ऑफिसर” के नाम से जाना जाता है।
क्यों बना यह फैसला ‘गेमचेंजर’?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सिंघल इस वक्त विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो के DGP थे। भ्रष्टाचार के कई हाई-प्रोफाइल केसों में उन्होंने जिस तरह कार्रवाई की, उसने उन्हें सरकार और जनता दोनों का भरोसेमंद अफसर बनाया। यूपीएससी के भेजे पैनल में तीन नाम थे; अजय सिंघल, आलोक मित्तल और शत्रुजीत कपूर। वरिष्ठता, कार्यशैली और राजनीतिक व प्रशासनिक विश्वसनीयता; तीनों के आधार पर सिंघल पहली पसंद बनकर उभरे।
जानें कौन हैं अजय सिंघल?
IPS की दुनिया में जानें माने अफसर
1. 1992 बैच के IPS
हरियाणा कैडर
32+ साल पुलिस सेवा का अनुभव
2. IIT Roorkee के ब्रिलियंट दिमाग
सिविल इंजीनियरिंग में टॉपर
GATE में AIR-1
फिर UPSC क्लियर करके पुलिस सेवा चुनी
3. एक्शन वाली पोस्टिंग्स का लंबा सफर
कई जिलों में ASP और SP
मैदान में फैसले लेने में माहिर
अपराध और भ्रष्टाचार; दोनों पर जीरो टॉलरेंस
4. RSS और सरकार के भरोसेमंद अफसर
सूत्रों के मुताबिक पूर्व CM मनोहर लाल खट्टर के शासनकाल में भी सिंघल भरोसेमंद अधिकारियों की सूची में शीर्ष पर रहे। नायब सिंह सैनी सरकार में भी उनके नाम पर सर्वसम्मति दिखी।
विजिलेंस में रहते हुए बड़े एक्शन; यह बना एक बड़ा कारण
अजय सिंघल की पहचान एक ऐसे अधिकारी की है जो फाइल दबाने नहीं देते, भ्रष्टाचार पर नकेल कसने में सबसे आगे और बड़े अधिकारियों पर भी कार्रवाई से नहीं डरते। उनके नेतृत्व में कई सरकारी विभागों में बड़े घोटाले उजागर हुए, ‘क्लीन-अप ड्राइव’ जैसा असर दिखा। इसी वजह से उन्हें हरियाणा पुलिस का ‘क्लीन-स्वीप जनरल’ भी कहा जाता है।
क्यों कहा जा रहा; “हरियाणा पुलिस का नया अध्याय शुरू”?
अजय सिंघल के आने से अपराध पर बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की उम्मीद है। खासकर गैंगस्टर, नशा कारोबारी, माफिया नेटवर्क साथ ही पुलिस विभाग में अंदरूनी सफाई भी हो सकती है यानी भ्रष्टाचार पर कार्रवाई अब तेज होगी, जवाबदेहिता और तेज फैसले भी होंगे उनकी पहचान “फाइल चलाओ या हट जाओ” वाली है। साथ ही फील्ड में मजबूत एक्शन भी है। SP-DSP लेवल तक प्रभावी कंट्रोल रहेगा।
कुर्सी सँभालते ही सबसे बड़ा सवाल
गौरतलब है कि हरियाणा में बढ़ते गैंगवार, नशा तस्करी, महिला सुरक्षा और साइबर अपराध पर सिंघल किस तरह ‘पहला वार’ करते हैं, सबकी निगाहें इसी पर होंगी।
नए DGP के साथ हरियाणा सरकार ने साफ संदेश दे दिया है कि “कानून-व्यवस्था पर समझौता नहीं, और पुलिस में सफाई अब तेज होगी।” और इस बदलाव की कमान संभाली है, IPS अजय सिंघल, यानी सख्ती और साफ-सुथरे प्रशासन की पहचान। अपराध रोकने की जिम्मेदारी अब उनके कंधे पर होगी।