उत्तराखंड : उत्तराखंड की चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। पहाड़ी रास्तों पर बढ़ते खतरे और मानसून की आहट को देखते हुए प्रशासन ने यात्रा मार्गों पर रात के सफर को लेकर सख्त फैसला लिया है। अब चारधाम रूट पर रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी। गढ़वाल मंडल प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस आदेश का सख्ती से पालन कराया जाएगा। जगह-जगह बैरियर लगाकर रात के समय वाहनों को रोका जाएगा और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई भी होगी।
प्रशासन का कहना है कि यह फैसला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, क्योंकि मानसून के दौरान पहाड़ी इलाकों में अचानक भूस्खलन, पत्थर गिरने और सड़क बाधित होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
रात में क्यों रोकी गई चारधाम यात्रा? ये हैं 3 बड़ी वजहें
1. मानसून की दस्तक, पहाड़ों पर बढ़ेगा खतरा
आपको बता दें कि मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक उत्तराखंड में जून के मध्य तक मानसून सक्रिय हो सकता है। बारिश शुरू होते ही चारधाम मार्गों पर लैंडस्लाइड, मलबा आने और बोल्डर गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। कई बार अचानक रास्ते बंद हो जाते हैं और यात्री घंटों तक फंस जाते हैं। रात में राहत और बचाव कार्य भी मुश्किल हो जाता है।
2. अंधेरा, थकान और खराब मौसम बन सकते हैं खतरा
गौरतलब है कि पहाड़ी रास्तों पर रात में वाहन चलाना पहले से ज्यादा जोखिम भरा माना जाता है। कम रोशनी, कोहरा, बारिश और लगातार ड्राइविंग से चालक की थकान हादसों की वजह बन सकती है। प्रशासन के मुताबिक कई दुर्घटनाओं के पीछे खराब दृश्यता और ड्राइवर की थकान जैसे कारण सामने आते हैं।
3. एक हादसा हजारों यात्रियों को कर सकता है प्रभावित
विदित है कि चारधाम यात्रा इस समय तेज रफ्तार से चल रही है। रोजाना हजारों श्रद्धालु धामों की ओर जा रहे हैं। ऐसे में किसी एक जगह सड़क बंद होने या दुर्घटना होने पर लंबा जाम लग सकता है और बड़ी संख्या में यात्री प्रभावित हो सकते हैं।
इन जगहों पर होगी कड़ी निगरानी
आपको बता दें कि नए आदेश के बाद टिहरी, देवप्रयाग, मुनिकीरेती, ढालवाला और चंबा समेत प्रमुख यात्रा मार्गों पर पुलिस और प्रशासन की टीमें तैनात रहेंगी। चेकपोस्ट और बैरियर के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि रात 10 बजे के बाद कोई यात्री या मालवाहक वाहन आगे न बढ़े।
अब तक करीब 29.79 लाख श्रद्धालु कर चुके दर्शन
चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बना हुआ है। आंकड़ों के अनुसार अब तक बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब को मिलाकर करीब 29.79 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। सबसे ज्यादा श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंचे हैं, जहां दर्शन करने वालों की संख्या 10 लाख से ज्यादा हो चुकी है। वहीं बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में भी लाखों भक्त बाबा और मां गंगा-यमुना के दर्शन कर चुके हैं।
सीएम की समीक्षा बैठक के बाद बदले नियम
गौरतलब है कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए उच्च स्तरीय समीक्षा के बाद यह फैसला लिया गया है। प्रशासन चाहता है कि यात्रा मार्गों पर भीड़ नियंत्रण में रहे और किसी भी आपात स्थिति से आसानी से निपटा जा सके। नई व्यवस्था के तहत वाहन सुबह 4 बजे से रात 10 बजे तक ही यात्रा कर पाएंगे।
नियम तोड़ा तो होगी कार्रवाई
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय के बाद यात्रा जारी रखने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है और नियमों में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
श्रद्धालुओं के लिए जरूरी एडवाइजरी हुई जारी
यात्रियों से अपील की गई है कि वे सफर की योजना समय देखकर बनाएं। रात में पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने से बचें। बारिश, खराब मौसम या भूस्खलन की चेतावनी मिलने पर प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और वाहन चालकों पर जल्द पहुंचने का दबाव न डालें।
प्रशासन का कहना है कि थोड़ी सावधानी से चारधाम यात्रा को सुरक्षित और यादगार बनाया जा सकता है।