जानें क्या हैं CM योगी का जनता दर्शन!: किन समस्याओं के लिए पहुंचे जनता दर्शन, यूपी में कहाँ कहाँ...कौन से दस्तावेज जरूरी, क्या ले जाना हैं मना_एक नज़र
जानें क्या हैं CM योगी का जनता दर्शन!

लखनऊ: अगर आप अपनी किसी सरकारी समस्या, जमीन विवाद, पुलिस कार्रवाई, पेंशन, सरकारी योजना, इलाज के लिए आर्थिक सहायता या किसी अन्य शिकायत को सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाना चाहते हैं, तो इसके लिए 'जनता दर्शन' सबसे अहम माध्यम है। यहां मुख्यमंत्री खुद लोगों की समस्याएं सुनते हैं और मौके पर मौजूद अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी देते हैं। हालांकि जनता दर्शन में हर व्यक्ति सीधे प्रवेश नहीं कर सकता। इसके लिए कुछ जरूरी नियम और प्रक्रिया का पालन करना होता है। आइए आसान भाषा में जानते हैं कि मुख्यमंत्री से मिलने के लिए क्या करना होगा।

यूपी में दो जगह लगता है जनता दर्शन

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब लखनऊ में होते हैं, तब जनता दर्शन उनके सरकारी आवास 5, कालिदास मार्ग पर आयोजित किया जाता है। वहीं, जब वे गोरखपुर दौरे पर रहते हैं, तब जनता दर्शन गोरखनाथ मंदिर परिसर में लगाया जाता है।

पहले जान लें जनता दर्शन कहां और कब लगेगा

गौरतलब है कि जनता दर्शन का कोई तय साप्ताहिक या मासिक कार्यक्रम नहीं होता। यह मुख्यमंत्री के आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार तय किया जाता है। इसलिए घर से निकलने से पहले मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर संपर्क कर यह जानकारी जरूर लें कि अगला जनता दर्शन कहां और किस समय आयोजित होगा। यात्रा शुरू करने से पहले दोबारा पुष्टि कर लेना भी बेहतर माना जाता है।

किस समय पहुंचे?

जनता दर्शन में प्रवेश के लिए सुबह 5 बजे से 7 बजे तक का समय निर्धारित रहता है। इसी दौरान रजिस्ट्रेशन और सुरक्षा जांच की प्रक्रिया पूरी की जाती है। यदि कोई व्यक्ति देर से पहुंचता है तो उसे प्रवेश नहीं मिल सकता। इसलिए समय से पहले पहुंचना सबसे सुरक्षित विकल्प है।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं

जनता दर्शन में शामिल होने के लिए किसी प्रकार का ऑनलाइन आवेदन या रजिस्ट्रेशन नहीं करना होता। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद रजिस्ट्रेशन काउंटर पर आपकी जानकारी दर्ज की जाती है और इसके बाद आपको एक टोकन नंबर दिया जाता है। इसी टोकन के आधार पर मुख्यमंत्री से मिलने का क्रम तय होता है।

जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज करना फायदेमंद

हालांकि यह अनिवार्य नहीं है, लेकिन यदि आपने पहले से जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर रखी है तो अधिकारियों को मामले को समझने और कार्रवाई करने में आसानी होती है। यदि शिकायत दर्ज नहीं है, तब भी आपको मुख्यमंत्री से मिलने का अवसर मिल सकता है।

जनता दर्शन में क्या ले जाना मना है?

आपको बता दें कि सुरक्षा कारणों से कुछ सामान अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होती। इनमें शामिल हैं—

  • मोबाइल फोन
  • बैग
  • लैपटॉप
  • पेन
  • माचिस और लाइटर
  • इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स
  • धारदार या नुकीली वस्तुएं

आवेदन में कौन-कौन सी जानकारी दें?

मुख्यमंत्री को दिए जाने वाले आवेदन में ये बातें स्पष्ट रूप से लिखें—

  • पूरा नाम
  • पूरा पता
  • मोबाइल नंबर
  • शिकायत का विषय
  • समस्या का संक्षिप्त विवरण
  • संबंधित विभाग (यदि जानकारी हो)

ये दस्तावेज जरूर साथ रखें

जनता दर्शन में जाते समय पहचान और शिकायत से जुड़े दस्तावेज साथ ले जाना जरूरी है। इनमें शामिल हैं—

  • आधार कार्ड
  • वोटर आईडी
  • पैन कार्ड (यदि उपलब्ध हो)
  • शिकायत से जुड़े सभी दस्तावेज
  • किसी विभाग या अदालत का आदेश (यदि हो)
  • इलाज से संबंधित मेडिकल दस्तावेज (यदि मामला चिकित्सा सहायता का हो)
  • आर्थिक सहायता से जुड़े बैंक दस्तावेज

सभी दस्तावेजों की मूल प्रति और फोटोकॉपी दोनों साथ रखना बेहतर रहेगा।

जनता दर्शन का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। यहां मुख्यमंत्री स्वयं शिकायत सुनते हैं और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई या जांच के निर्देश देते हैं। यदि आपकी समस्या लंबे समय से लंबित है या स्थानीय स्तर पर समाधान नहीं हो रहा है, तो जनता दर्शन आपके लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकता है।

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