यूपी समेत 5 राज्य; समय से पहले हो सकतें विधानसभा चुनाव!: राजनीतिक दलों ने तेज़ की तैयारी, फरवरी-मार्च की जगह अब इस महीने चुनाव संभावना, लेकिन उत्तराखंड में...पूरा मामला_एक नजर
यूपी समेत 5 राज्य; समय से पहले हो सकतें विधानसभा चुनाव!

नई दिल्ली : देश की राजनीति में एक बार फिर बड़ी हलचल शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव तय समय से पहले कराए जाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। संभावना जताई जा रही है कि फरवरी-मार्च 2027 में प्रस्तावित चुनावों को नवंबर-दिसंबर 2026 में कराया जा सकता है। हालांकि चुनाव की तारीखों को लेकर अंतिम फैसला चुनाव आयोग ही करेगा, लेकिन जनगणना और चुनावी प्रक्रिया के संभावित टकराव ने समय से पहले चुनाव की अटकलों को हवा दे दी है।

जनगणना बनी सबसे बड़ी वजह

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दरअसल, अगले साल फरवरी में राष्ट्रीय जनगणना का दूसरा चरण प्रस्तावित है। यह चरण 9 फरवरी से 28 फरवरी तक चलना है, जिसमें बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी। इसी दौरान उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड जैसे राज्यों में विधानसभा चुनाव का समय भी नजदीक होगा। चुनाव और जनगणना दोनों बड़े स्तर की प्रशासनिक प्रक्रियाएं हैं और इनमें लाखों कर्मचारियों की ड्यूटी लगती है। अनुमान के मुताबिक केवल उत्तर प्रदेश में ही जनगणना के लिए करीब 5.5 लाख कर्मचारियों की जरूरत पड़ सकती है। वहीं चुनाव कराने के लिए भी बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों की आवश्यकता होती है। ऐसे में दोनों काम एक साथ होने से प्रशासनिक दबाव बढ़ सकता है।

नवंबर-दिसंबर में चुनाव की संभावना क्यों बढ़ी?

चर्चा है कि अगर चुनाव समय से पहले कराए जाते हैं तो नवंबर या दिसंबर महीने में मतदान कराया जा सकता है। इससे फरवरी में होने वाली जनगणना की प्रक्रिया बिना रुकावट पूरी की जा सकेगी। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक अगर समय से पहले चुनाव कराने की स्थिति बनती है तो मतदाता सूची बड़ी बाधा नहीं बनेगी, क्योंकि संबंधित राज्यों में वोटर लिस्ट अपडेट करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

राजनीतिक दलों ने तेज की तैयारी

गौरतलब है कि जल्द चुनाव की चर्चाओं के बीच राजनीतिक दल भी सक्रिय हो गए हैं। भाजपा की राज्य इकाइयों में संगठन मजबूत करने, बूथ कमेटियों को तैयार करने और चुनावी रणनीति पर काम तेज करने की चर्चा है। वहीं विपक्षी दल भी संभावित चुनावी बदलाव को देखते हुए अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी, भाजपा, कांग्रेस सहित अन्य दल भी संगठन और रणनीति पर फोकस कर रहे हैं।

उत्तराखंड को मिल सकती है अलग स्थिति

चर्चाओं के मुताबिक उत्तराखंड के मामले में स्थिति थोड़ी अलग हो सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में जनगणना से जुड़े कुछ कार्य पहले पूरे होने की संभावना के कारण वहां चुनावी समय को लेकर अलग फैसला हो सकता है। हालांकि अंतिम तस्वीर चुनाव आयोग के निर्णय के बाद ही साफ होगी।

यूपी पर रहेंगी पूरे देश की नजरें

इन सभी राज्यों में सबसे ज्यादा नजर उत्तर प्रदेश पर रहेगी, क्योंकि यह देश का सबसे बड़ा राजनीतिक राज्य है और लोकसभा की सबसे अधिक सीटें भी यहीं से आती हैं। अगर विधानसभा चुनाव तय समय से पहले होते हैं तो प्रदेश में राजनीतिक माहौल और तेजी से गर्म हो सकता है।

फिलहाल नवंबर-दिसंबर में चुनाव की चर्चाएं सिर्फ संभावनाओं के स्तर पर हैं, लेकिन राजनीतिक दलों की बढ़ती सक्रियता ने संकेत दे दिया है कि आने वाले महीने चुनावी लिहाज से बेहद अहम साबित हो सकते हैं।

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