लखनऊ: उत्तर प्रदेश तेजी से देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे नेटवर्क वाला राज्य बनता जा रहा है। पहले से संचालित कई एक्सप्रेसवे के बाद अब प्रदेश को एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। सरकार 700 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड सुपर एक्सप्रेसवे के निर्माण की तैयारी में जुट गई है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना शामली से गोरखपुर तक जाएगी और प्रदेश के 22 जिलों तथा 37 तहसीलों को सीधे जोड़ते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य यूपी और पूर्वांचल के बीच तेज और आधुनिक सड़क संपर्क उपलब्ध कराएगी।
क्या है ग्रीनफील्ड सुपर एक्सप्रेसवे?
आपको बता दें कि ग्रीनफील्ड सुपर एक्सप्रेसवे ऐसा नया हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे होता है, जिसे पूरी तरह नई जमीन पर तैयार किया जाता है। यानी इसके लिए किसी पुराने राष्ट्रीय या राज्य राजमार्ग का विस्तार नहीं किया जाता, बल्कि नई भूमि पर आधुनिक मानकों के अनुसार सड़क बनाई जाती है। इससे यात्रा तेज, सुरक्षित और सुगम होती है। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक, व्यावसायिक और शहरी विकास को भी बढ़ावा मिलता है।
22 जिलों को मिलेगा सीधा फायदा
गौरतलब है कि यह एक्सप्रेसवे शामली से शुरू होकर मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल, रामपुर, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, सीतापुर, लखनऊ, बाराबंकी, बहराइच, गोंडा, अयोध्या, बस्ती, संतकबीरनगर होते हुए गोरखपुर तक पहुंचेगा। इसके बनने से इन सभी जिलों के बीच आवागमन तेज होगा और व्यापार, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा पर्यटन को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू
परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में शुरू हो सकता है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक इस पूरे एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा करना है।
औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
एक्सप्रेसवे के किनारे विशेष रूप से मेरठ और बिजनौर में औद्योगिक गलियारा (Industrial Corridor) विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए उपयुक्त भूमि का सर्वे और निरीक्षण भी किया जा रहा है। बेहतर सड़क संपर्क मिलने से नए उद्योग स्थापित होने, निवेश बढ़ने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
यात्रा होगी आसान, समय की होगी बचत
ग्रीनफील्ड सुपर एक्सप्रेसवे तैयार होने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश से पूर्वांचल तक लंबी दूरी की यात्रा पहले की तुलना में काफी तेज और सुविधाजनक हो जाएगी। भारी वाहनों की आवाजाही भी अधिक व्यवस्थित होगी, जिससे दूसरे प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है।
यूपी बन रहा है एक्सप्रेसवे का हब
विदित है कि उत्तर प्रदेश पहले ही देश में सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे नेटवर्क विकसित करने वाले राज्यों में शामिल हो चुका है। वर्तमान में प्रदेश में कई प्रमुख एक्सप्रेसवे संचालित हैं, जिनमें—
इनके अलावा कई नए एक्सप्रेसवे निर्माणाधीन और प्रस्तावित हैं, जिनसे उत्तर प्रदेश का सड़क नेटवर्क लगातार मजबूत हो रहा है।
प्रदेश के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रीनफील्ड सुपर एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास का नया आधार बन सकता है। बेहतर कनेक्टिविटी से निवेश बढ़ेगा, नए उद्योग स्थापित होंगे, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और प्रदेश के कई जिलों की तस्वीर बदलने में यह परियोजना अहम भूमिका निभा सकती है।