नशे की लत, सालों तक जेल और फिर शानदार वापसी!: 67 के हुए बॉलीवुड सुपरस्टार संजय दत्त, इंदिरा गाँधी की सलाह पर भेजे गए बोर्डिंग स्कूल, तो वहीं रेखा से शादी को लेकर...जानें कैसा रहा उनका यादगार फिल्मी सफर_एक नजर
नशे की लत, सालों तक जेल और फिर शानदार वापसी!

बॉलीवुड: बॉलीवुड के 'संजू बाबा' के नाम से मशहूर संजय दत्त ने अपनी जिंदगी में जितनी शोहरत देखी, उतने ही मुश्किल दौर का भी सामना किया। एक समय ऐसा था जब उनकी फिल्मों के लिए सिनेमाघरों के बाहर लंबी कतारें लगती थीं, लेकिन एक दौर ऐसा भी आया जब वही सुपरस्टार जेल की सलाखों के पीछे था। नशे की लत, निजी जिंदगी के उतार-चढ़ाव, विवाद, अफवाहें और फिर शानदार वापसी; संजय दत्त की जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही। आईये 67वें जन्मदिन के मौके पर जानते हैं उनकी जिंदगी के कुछ ऐसे किस्से, जिनकी चर्चा आज भी होती है।

इंदिरा गांधी की सलाह पर भेजा गया बोर्डिंग स्कूल

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि संजय दत्त बचपन में बेहद जिद्दी माने जाते थे। परिवार का भरपूर प्यार मिलने के कारण उनकी हर इच्छा पूरी की जाती थी। धीरे-धीरे उनकी शरारतें बढ़ने लगीं। ऐसे में परिवार की करीबी और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें अनुशासित माहौल देने के लिए हिमाचल प्रदेश के सनावर स्थित लॉरेंस स्कूल भेजने की सलाह दी। इसके बाद संजय ने वहीं रहकर पढ़ाई की।

कम उम्र में लगी नशे की लत

गौरतलब है कि किशोरावस्था में ही संजय दत्त नशे की गिरफ्त में आ गए थे। बाद में उन्होंने खुद स्वीकार किया कि इस लत ने उनके करियर और निजी जिंदगी को गहरा नुकसान पहुंचाया। कई बड़ी फिल्में उनके हाथ से निकल गईं और उन्हें लंबे समय तक इलाज भी कराना पड़ा।

मां नरगिस की बीमारी के दौरान भी नहीं छूट पाया नशा

जब उनकी मां नरगिस कैंसर का इलाज कराने अमेरिका गई थीं, तब भी संजय अपनी लत से जूझ रहे थे। बाद में उन्होंने कई इंटरव्यू में माना कि वह उनकी जिंदगी का सबसे कठिन और शर्मनाक दौर था। मां के निधन ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया।

'रॉकी' से मिली पहचान, लेकिन 'खलनायक' ने बदल दी किस्मत

1981 में रिलीज हुई फिल्म 'रॉकी' से संजय दत्त ने बतौर हीरो बॉलीवुड में कदम रखा। पहली ही फिल्म से उन्हें पहचान मिली। हालांकि उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ फिल्म 'खलनायक' मानी जाती है। इसके बाद उन्होंने 'साजन', 'नाम', 'मुन्ना भाई एमबीबीएस', 'लगे रहो मुन्ना भाई', 'अग्निपथ' और 'केजीएफ चैप्टर 2' जैसी कई यादगार फिल्मों से अपनी अलग पहचान बनाई।

टीना मुनीम को लेकर कई बार हुए विवाद

विदित है कि अभिनेत्री टीना मुनीम के साथ उनके रिश्ते की काफी चर्चा रही। उस समय फिल्म इंडस्ट्री में फैली अफवाहों को लेकर वह कई बार गुस्से में आ गए थे। बाद में खुद संजय दत्त ने स्वीकार किया कि उस दौर में उनका स्वभाव काफी आक्रामक था और वह छोटी-छोटी बातों पर अपना आपा खो बैठते थे।

रेखा के साथ शादी की अफवाहों ने मचाई थी सनसनी

एक समय ऐसा भी आया जब संजय दत्त और अभिनेत्री रेखा की कथित शादी की खबरों ने फिल्मी दुनिया में हलचल मचा दी। हालांकि दोनों कलाकारों ने इन खबरों को पूरी तरह खारिज किया और इन्हें सिर्फ अफवाह बताया।

जेल में बहनों को दिया था सबसे भावुक तोहफा

1990 के दशक में कानूनी मामलों के चलते संजय दत्त को जेल जाना पड़ा। रक्षाबंधन के अवसर पर जब उनकी बहनें उनसे मिलने पहुंचीं, तब उनके पास देने के लिए कोई महंगा तोहफा नहीं था। उन्होंने जेल की कैंटीन के दो-दो रुपये वाले चाय-नाश्ते के कूपन बहनों को देते हुए कहा कि फिलहाल उनके पास यही सबसे बड़ा उपहार है। यह घटना आज भी उनके जीवन के सबसे भावुक पलों में गिनी जाती है।

सलमान खान की BMW की चाबी समंदर में फेंक दी

संजय दत्त और सलमान खान की दोस्ती के कई किस्से मशहूर हैं। एक बार सलमान खान ने उन्हें अपनी नई BMW कार तोहफे में दी। बताया जाता है कि संजय दत्त ने मजाकिया अंदाज में कार की चाबी सीधे समुद्र में फेंक दी, जिसके बाद चाबी तलाशने में कई दिन लग गए। यह किस्सा आज भी दोनों की दोस्ती का चर्चित उदाहरण माना जाता है।

आज भी बड़े पर्दे पर बरकरार है दबदबा

पिछले कुछ वर्षों में संजय दत्त ने खलनायक की भूमिकाओं में नई पहचान बनाई है। हिंदी फिल्मों के साथ-साथ दक्षिण भारतीय सिनेमा में भी उनकी मजबूत मौजूदगी बनी हुई है। आने वाले समय में भी उनकी कई बड़ी फिल्में रिलीज के लिए तैयार हैं और दर्शक उन्हें एक बार फिर दमदार किरदारों में देखने का इंतजार कर रहे हैं।

संजय दत्त की जिंदगी यह बताती है कि सफलता और असफलता दोनों इंसान की जिंदगी का हिस्सा हैं। कठिन दौर से गुजरने के बावजूद उन्होंने खुद को संभाला, वापसी की और आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे चर्चित कलाकारों में अपनी जगह बनाए हुए हैं।

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