नई दिल्ली: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की भर्ती प्रक्रिया को पहले से अधिक तेज, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए कई बड़े बदलाव किए हैं। अब अभ्यर्थियों को भर्ती पूरी होने के लिए सालों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। कार्मिक राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने संसद में बताया कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद भर्ती प्रक्रिया का समय काफी कम हो जाएगा।
SSC भर्ती अब 6 से 8 महीने में पूरी करने का लक्ष्य
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अब तक SSC की अधिकांश भर्तियों में आवेदन से लेकर अंतिम चयन तक 15 से 18 महीने का समय लग जाता था। नई व्यवस्था के तहत इसे घटाकर लगभग 6 से 8 महीने करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए कई परीक्षाओं के चरण कम किए गए हैं और e-Dossier प्रणाली लागू की गई है, जिससे दस्तावेजों का सत्यापन पूरी तरह डिजिटल और तेज़ी से हो सकेगा। इंटरव्यू और कुछ वर्णनात्मक (Descriptive) परीक्षाओं को हटाने जैसे कदमों से भी भर्ती प्रक्रिया में तेजी आएगी।
खाली नहीं रहेंगी सीटें, लागू हुआ 'स्लाइडिंग मैकेनिज्म'
SSC ने पहली बार स्लाइडिंग मैकेनिज्म लागू किया है। पहले एक ही उम्मीदवार कई पदों पर चयनित होकर एक पद चुनता था, जिससे बाकी सीटें खाली रह जाती थीं। अब ऐसी स्थिति में मेरिट सूची के अगले योग्य उम्मीदवारों को मौका देकर खाली पदों को तुरंत भरा जाएगा।
UPSC भर्ती भी होगी पहले से तेज
गौरतलब है कि UPSC की भर्ती प्रक्रिया, जिसमें पहले 15 महीने या उससे अधिक समय लग जाता था, अब प्रशासनिक और डिजिटल सुधारों के बाद लगभग 13 महीने में पूरी करने की दिशा में काम किया जा रहा है। आवेदन, स्क्रीनिंग, परिणाम और चयन प्रक्रिया को अधिक समयबद्ध बनाया गया है ताकि उम्मीदवारों को जल्दी नियुक्ति मिल सके।
AI व Face Authentication से नकल पर सख्ती
सिविल सेवा परीक्षा (CSE) में अब AI आधारित वेरिफिकेशन लागू किया गया है, जो उम्मीदवारों के प्रयासों (Attempts) का रिकॉर्ड रखेगा। वहीं परीक्षा केंद्रों पर फर्जी अभ्यर्थियों और नकल पर रोक लगाने के लिए Face Authentication भी अनिवार्य किया जा रहा है।
दस्तावेज़ सत्यापन में देरी से नौकरी नहीं रुकेगी
विदित है कि सरकार ने Self-Attestation के आधार पर प्रोविजनल जॉइनिंग लेटर देने का प्रावधान किया है। चरित्र प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र के सत्यापन के लिए विभागों को अधिकतम छह महीने का समय दिया गया है। यदि तय समय में रिपोर्ट नहीं आती है, तब भी उम्मीदवार की नौकरी प्रभावित नहीं होगी।
Answer Key पर आपत्ति दर्ज करना हुआ आसान
UPSC ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उत्तर कुंजी (Answer Key) पर आपत्ति दर्ज कराने की फीस भी कम कर दी है। साथ ही दिव्यांग अभ्यर्थियों को उनकी सुविधा के अनुसार परीक्षा केंद्र चुनने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
युवाओं को मिलेगा बड़ा फायदा
इन बदलावों के बाद भर्ती प्रक्रिया तेज होगी, पद लंबे समय तक खाली नहीं रहेंगे, दस्तावेज़ सत्यापन में देरी कम होगी और नियुक्ति पत्र पहले की तुलना में जल्दी जारी किए जा सकेंगे। सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था से भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, डिजिटल और उम्मीदवारों के लिए सुविधाजनक बनेगी।