सितंबर में देशव्यापी अभियान 'क्या बोलती पब्लिक' शुरू करेगी CJP!: 'प्रेशर ग्रुप' के रूप में खुद को करेगी स्थापित और...जानें शिक्षा-बेरोजगारी समेत किन 5 मुद्दों पर सरकार को घेरने की कर रही हैं बड़ी तैयारी?
सितंबर में देशव्यापी अभियान 'क्या बोलती पब्लिक' शुरू करेगी CJP!

नई दिल्ली: जंतर-मंतर के लंबे छात्र आंदोलन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अब देशभर में अपना जनसंपर्क अभियान शुरू करने की तैयारी में है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घोषणा की है कि सितंबर से देश के अलग-अलग हिस्सों में ‘क्या बोलती पब्लिक’ नाम से राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत गांवों से लेकर शहरों तक युवाओं और आम लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनी जाएंगी और उन्हें राष्ट्रीय मुद्दों के रूप में उठाने की कोशिश की जाएगी। दीपके के मुताबिक, अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को अपनी बात सीधे सामने रखने का मंच देना है। CJP का कहना है कि देश की नीतियों और व्यवस्था से जुड़े फैसलों में जनता की आवाज को ज्यादा महत्व मिलना चाहिए।

‘क्या बोलती पब्लिक’ में गांव-शहर तक पहुंचेगी CJP

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि CJP के अनुसार, सितंबर से शुरू होने वाला यह अभियान केवल एक जगह तक सीमित नहीं रहेगा। पार्टी से जुड़े कार्यकर्ता और नेतृत्व अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में जाकर युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों से बातचीत करेंगे।** अभियान में लोगों से शिक्षा, रोजगार और व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर उनकी राय जानने की योजना है। पार्टी का दावा है कि जमीनी स्तर से सामने आने वाली समस्याओं को एकत्र कर उन्हें बड़े सार्वजनिक मुद्दों के रूप में उठाया जाएगा। दीपके ने कहा है कि आज जरूरत इस बात की है कि जनता अपनी समस्याओं और अपेक्षाओं को खुलकर सामने रखे। इसी विचार को अभियान के नाम ‘क्या बोलती पब्लिक’ के जरिए सामने लाने की कोशिश की जा रही है।

शिक्षा व्यवस्था CJP की पहली प्राथमिकता

CJP ने शिक्षा सुधार को अपने प्रमुख एजेंडे में सबसे ऊपर रखा है। दीपके का कहना है कि देश में स्कूल, कॉलेज और कोचिंग की बढ़ती फीस आम परिवारों पर आर्थिक बोझ डाल रही है।** पार्टी के मुताबिक, शिक्षा को केवल कमाई का माध्यम बनाने के बजाय उसे आम लोगों के लिए सुलभ और बेहतर बनाने की जरूरत है। CJP सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने और शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के लिए जनदबाव बनाने की बात कह रही है।

बेरोजगारी को देशव्यापी मुद्दा बनाने की तैयारी

विदित है कि अभियान का दूसरा बड़ा केंद्र रोजगार और बेरोजगारी होगा। दीपके ने बेरोजगारी को देश की प्रमुख समस्याओं में शामिल बताते हुए इसे राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की बात कही है।** CJP का फोकस खासतौर पर युवाओं पर रहेगा। पार्टी का कहना है कि बड़ी संख्या में युवा डिग्री हासिल करने के बाद भी रोजगार की तलाश में हैं और कई रोजगार पाने वालों की आय भी उनकी जरूरतों के मुताबिक पर्याप्त नहीं है। ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान के दौरान युवाओं से सीधे बातचीत कर रोजगार से जुड़ी उनकी परेशानियों और अपेक्षाओं को समझने की योजना है।

न्याय व्यवस्था और संस्थागत जवाबदेही भी एजेंडे में

CJP के एजेंडे में केवल शिक्षा और रोजगार ही नहीं हैं। पार्टी न्याय व्यवस्था को अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाने की बात भी कर रही है।** इसके अलावा चुनाव आयोग, न्यायपालिका और मीडिया जैसी लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर जनता के भरोसे और जवाबदेही का मुद्दा भी उठाने की घोषणा की गई है। पार्टी का कहना है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास मजबूत रहना बेहद जरूरी है।

चुनावी राजनीति से दूरी रखने का दावा

गौरतलब है कि अभिजीत दीपके ने साफ कहा है कि CJP का उद्देश्य पारंपरिक चुनावी राजनीति में उतरना नहीं है। उनके अनुसार, संगठन खुद को एक ‘पब्लिक प्रेशर ग्रुप’ के रूप में विकसित करना चाहता है, जो सरकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जवाबदेही की मांग करे।** दीपके का कहना है कि उनका अंतिम लक्ष्य केवल सत्ता की राजनीति नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव और जनहित से जुड़े मुद्दों पर काम करना है।

जंतर-मंतर आंदोलन के बाद नई रणनीति

CJP का यह नया अभियान जंतर-मंतर पर हुए उसके लंबे छात्र आंदोलन के बाद सामने आया है। पार्टी ने NEET और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर दिल्ली में 36 दिनों तक प्रदर्शन किया था।** आंदोलन समाप्त होने के बाद संगठन ने अपने भविष्य के विस्तार और आगे की रणनीति पर चर्चा शुरू की। इसी क्रम में देशव्यापी जनसंपर्क अभियान का ऐलान किया गया है।

राष्ट्रीय स्तर पर संगठन खड़ा करने की तैयारी

CJP ने अपनी नेशनल वर्किंग कमेटी के सदस्यों की घोषणा भी की है। संगठन के मुताबिक आने वाले छह महीनों में विभिन्न राज्यों में समन्वय समितियां गठित की जाएंगी। इसके साथ लोकसभा और शहर स्तर पर भी संगठनात्मक इकाइयां बनाने की योजना है।** पार्टी का दावा है कि इससे अभियान को केवल कुछ शहरों तक सीमित रखने के बजाय देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

‘प्रेशर ग्रुप’ के रूप में खुद को स्थापित करना चाहती है CJP

CJP की रणनीति को देखें तो संगठन फिलहाल चुनाव लड़ने के बजाय जनता के मुद्दों को लेकर सरकार और संस्थाओं पर सार्वजनिक दबाव बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है।** अब सितंबर में शुरू होने वाला ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान इस रणनीति की पहली बड़ी परीक्षा माना जा सकता है। अभियान के दौरान जनता से मिलने वाली प्रतिक्रियाएं ही तय करेंगी कि CJP किन मुद्दों को आगे राष्ट्रीय स्तर पर सबसे मजबूती से उठाती है।

फिलहाल शिक्षा, बेरोजगारी, न्याय व्यवस्था और संस्थागत जवाबदेही जैसे मुद्दों के जरिए CJP ने अपनी आगे की दिशा स्पष्ट कर दी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि सितंबर में शुरू होने वाला यह अभियान जमीन पर कितनी पकड़ बना पाता है और आम लोगों की आवाज को कितना व्यापक मंच दे पाता है।

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