अब 90 मिनट में दिल्ली से हरिद्वार!: 6 लेन सड़क जो 51 किमी...जानिए कब होगी शुरू और क्या रहेगा पूरा रूट_एक नजर
अब 90 मिनट में दिल्ली से हरिद्वार!

नई दिल्ली/हरिद्वार: दिल्ली से हरिद्वार जाने वाले यात्रियों के लिए आने वाले दिनों में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। जिस सफर को पूरा करने में अभी सामान्य तौर पर 3 से 4 घंटे लग जाते हैं, वह नए रोड कनेक्शन के शुरू होने के बाद करीब 90 मिनट में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 27 अक्टूबर 2026 को एक कार्यक्रम में बताया कि दिल्ली से हरिद्वार को जोड़ने वाली नई सड़क परियोजना अगले कुछ महीनों में शुरू हो सकती है। इससे धार्मिक यात्रा के साथ-साथ पर्यटन और व्यापार को भी फायदा मिलने की संभावना है।

51 किलोमीटर की छह लेन सड़क से जुड़ेगा हरिद्वार

आपको बता दें कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को हरिद्वार से जोड़ने के लिए 51 किलोमीटर लंबा छह लेन का स्पर रोड बनाया जा रहा है। यह परियोजना इस पूरे रूट की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है। प्रस्तावित मार्ग हलगोया मुस्तकम से शुरू होकर भड़ेड़ी राजपूताना के पास मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्ग-58 से जुड़ेगा। इससे दिल्ली, मेरठ, सहारनपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर से आने वाले वाहनों को हरिद्वार पहुंचने के लिए बेहतर और वैकल्पिक रास्ता मिलेगा। जून 2026 में जारी सरकारी जानकारी के अनुसार, उस समय इस परियोजना का लगभग 92 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था और करीब 46 किलोमीटर सड़क बन चुकी थी। अब इसके शुरू होने से दिल्ली से हरिद्वार की यात्रा में लगने वाला समय काफी कम होने की उम्मीद है।

हरिद्वार बाईपास से शहर के अंदर भी घटेगा जाम

गौरतलब है कि सिर्फ हरिद्वार तक पहुंचना ही आसान नहीं होगा, बल्कि शहर के भीतर लगने वाले जाम से राहत दिलाने की भी तैयारी है। इसके लिए लगभग 15 किलोमीटर लंबे हरिद्वार बाईपास पर काम किया जा रहा है। यह बाईपास बहादराबाद से शुरू होकर राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर चंडी देवी मंदिर के पास तक जाएगा। जून 2026 की सरकारी जानकारी के मुताबिक, इसके पहले पैकेज का लगभग 77 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बाहर से आने वाले कई वाहनों को हर की पैड़ी, चंडी चौक और शंकराचार्य चौक जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। खासकर वीकेंड, छुट्टियों और धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं को राहत मिलने की उम्मीद है।

मुजफ्फरनगर-हरिद्वार हाईवे भी होगा बेहतर

विदित है कि हरिद्वार पहुंचने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए मुजफ्फरनगर-हरिद्वार हाईवे पर भी सुधार किए जा रहे हैं। पुरकाजी, फलौदा, मंगलौर, बहादराबाद और ज्वालापुर जैसे व्यस्त स्थानों पर फ्लाईओवर, अंडरपास और सर्विस रोड विकसित की जा रही हैं। इसके अलावा इन प्रमुख मार्गों पर एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाने की योजना है। इससे वाहनों की निगरानी, यातायात संबंधी जानकारी और आपातकालीन सहायता पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

2027 के अर्धकुंभ से पहले बड़ी तैयारी

हरिद्वार में वर्ष 2027 में प्रस्तावित अर्धकुंभ को देखते हुए इन परियोजनाओं का महत्व और बढ़ गया है। देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। बेहतर सड़क नेटवर्क से यातायात को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है। वहीं, दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली से देहरादून की यात्रा का समय भी कम हुआ है। अब हरिद्वार को इससे जोड़ने की तैयारी है। केंद्रीय मंत्री के अनुसार चारधाम सड़क परियोजना का काम भी लगभग 80 से 85 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है।

स्पर रोड, हरिद्वार बाईपास और हाईवे सुधार परियोजनाएं पूरी होने पर दिल्ली, मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हरिद्वार पहुंचना पहले से आसान हो सकता है। हालांकि, 90 मिनट का सफर परियोजनाओं के पूरा होने, यातायात और वास्तविक यात्रा परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

अन्य खबरे