नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली एक बार फिर अपनी पुरानी पहचान की ओर लौटने जा रही है। लेकिन नए अंदाज़ में। कभी शहर की शान रही डबल-डेकर बसें अब दोबारा सड़कों पर दिखाई देंगी, मगर इस बार ये आम पब्लिक ट्रांसपोर्ट नहीं होंगी, बल्कि खास पर्यटन सेवा के रूप में चलाई जाएंगी। सरकार का मकसद साफ है कि दिल्ली घूमने को एक अनुभव बनाना, सिर्फ यात्रा नहीं।
कब शुरू होगी सेवा?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पर्यटन विभाग की तैयारी अंतिम चरण में है। संभावना है कि फरवरी के तीसरे सप्ताह (लगभग 20 फरवरी) से दो डबल-डेकर इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतर जाएंगी।
खास बात; शाम को चलेगा टूर :
गौरतलब है कि यह सेवा सामान्य दिनभर चलने वाली बस नहीं होगी। इसे खासतौर पर ईवनिंग टूर के लिए डिजाइन किया गया है। शाम 6 बजे के बाद टूर शुरू होगा। और रात में रोशनी के बीच राजधानी के ऐतिहासिक स्थल दिखाए जाएंगे। ऑफिस के बाद घूमने वाले लोगों और पर्यटकों के लिए खास अनुभव मिलेगा।
बस किन-किन जगहों पर जाएगी? (प्रस्तावित रूट)
विदित है कि टूर एक सर्कुलर हेरिटेज रूट पर होगा। इसका प्रस्तावित रुट इस तरह से होगा-
प्रधानमंत्री संग्रहालय → भारत मंडपम → राष्ट्रीय युद्ध स्मारक → नया संसद भवन परिसर → दिल्ली हाट
एक ही सफर में राजनीति, इतिहास और संस्कृति; सब कुछ मिलेगा।
पूरी तरह इलेक्ट्रिक; बिना धुआं, बिना शोर :
गौरतलब है कि बस इलेक्ट्रिक होगी। इसका निर्माण अशोक लेलैंड कम्पनी करेगी। यह CSR पहल के तहत उपलब्ध होगी। लुटियंस दिल्ली के लिए सुरक्षित व उपयुक्त रहेगी। यानि पर्यटन भी और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगी।
बस में गाइड भी रहेगा :
गौरतलब है कि यह सिर्फ यात्रा नहीं जानकारी वाला अनुभव होगा। हर ट्रिप में प्रोफेशनल टूर गाइड उपलब्ध होगा। हर स्मारक की कहानी और इतिहास रहेगा। अंदर दिल्ली के आइकॉनिक फोटो से सजावट की जाएगी।
किराया कितना होगा?
श्रेणी किराया
वयस्क ₹500
बच्चे (6-12 वर्ष) ₹300
इसमें पूरा टूर + गाइड अनुभव शामिल रहेगा।
कितने लोग बैठ सकेंगे?
विदित है कि डबल-डेकर बस में ड्राइवर के अलावा 63 से ज्यादा यात्री बैठ सकेंगे।
1989 के बाद पहली बार वापसी :
विदित है कि कभी DTC की “सुविधा बसें” दिल्ली की पहचान थीं। लेकिन पुराने बेड़े और रखरखाव के कारण 1989 में इन्हें बंद कर दिया गया था। अब करीब तीन दशक बाद ये बसें फिर लौट रही हैं लेकिन इस बार सफर के लिए नहीं, शहर दिखाने के लिए।
सरकार की सोच क्या है?
इस योजना के पीछे सरकार के निम्नलिखित लक्ष्य है।
● दिल्ली पर्यटन को नया रूप देना
● विदेशी और घरेलू पर्यटकों को आकर्षित करना
● नाइट टूरिज़्म बढ़ाना
● राजधानी की विरासत को अनुभव में बदलना
दिल्ली में अब बस पकड़कर ऑफिस जाने वाली नहीं, बल्कि शहर दिखाने वाली डबल-डेकर बसें चलेंगी। यानि अब दिल्ली सिर्फ देखी नहीं जाएगी इन डबल-डेकर बसों से महसूस भी की जाएगी।