यूपी में मानसून को लेकर बड़ा अपडेट!: इतने दिन देरी से आएगा मानसून, अब इस तारीख को होगी पूर्वांचल के रास्ते धमाकेदार एंट्री, वही किसानों को...
यूपी में मानसून को लेकर बड़ा अपडेट!

लखनऊ : भीषण गर्मी और उमस से राहत का इंतजार कर रहे उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए मानसून को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक इस बार यूपी में मानसून की एंट्री करीब 24 जून तक हो सकती है। आमतौर पर प्रदेश में मानसून 18 से 20 जून के बीच दस्तक देता है, लेकिन इस बार इसके करीब 4 दिन देरी से पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। मानसून आने के बाद लगभग 10 दिनों में पूरे प्रदेश को कवर कर सकता है। हालांकि चिंता की बात यह है कि इस बार मानसून की मजबूती ज्यादा लंबे समय तक नहीं रह सकती और करीब 20 से 25 दिनों के बाद इसकी रफ्तार कमजोर पड़ने की आशंका है।

इस बार पूर्वांचल के रास्ते यूपी में आएगा मानसून

आपको बता दें कि मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस साल मानसून की एंट्री बुंदेलखंड के बजाय पूर्वी उत्तर प्रदेश से होने के आसार हैं। बिहार की तरफ से आने वाली मानसूनी हवाएं बलिया, देवरिया और पूर्वांचल के अन्य हिस्सों से प्रदेश में प्रवेश कर सकती हैं। इससे पहले 2023 में भी मानसून ने पूर्वी यूपी के रास्ते दस्तक दी थी। जबकि 2024 और 2025 में मानसून बुंदेलखंड क्षेत्र की तरफ से यूपी में आया था।

यूपी में कब और कहां पहुंचेगा मानसून :

पूर्वी यूपी

बलिया, गोरखपुर, वाराणसी, गाजीपुर और मऊ जैसे जिलों में मानसून सबसे पहले 24 से 25 जून के बीच पहुंच सकता है।

मध्य यूपी

विदित है कि राजधानी लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर, अयोध्या, रायबरेली और बाराबंकी में मानसून 29 से 30 जून के बीच सक्रिय होने की उम्मीद है।

पश्चिमी यूपी

नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, अलीगढ़, आगरा और सहारनपुर में मानसून सबसे देरी से, यानी 4 से 5 जुलाई के बीच दस्तक देगा।

पहले आंधी-बारिश, फिर लौटेगी तेज गर्मी

विदित है कि जून के शुरुआती दिनों में पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी वाली हवाओं के कारण मौसम बदला रहेगा। 5 और 6 जून के आसपास प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। कुछ जगहों पर हवा की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। लेकिन इसके बाद मौसम फिर करवट लेगा और तापमान तेजी से ऊपर जाएगा।

पश्चिमी यूपी में फिर सताएगी गर्मी

आपको बता दें कि मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़, सहारनपुर और आसपास के जिलों में शुरुआत में आंधी-बारिश से राहत मिलेगी। लेकिन 7 जून के बाद तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण तापमान दोबारा बढ़ सकता है। कई जगह पारा 44 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है। पश्चिमी यूपी में मानसून सबसे आखिर में पहुंच सकता है।

पूर्वी यूपी में उमस करेगी परेशान

पूर्वांचल के वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, बलिया और देवरिया जैसे जिलों में मौसम अलग रहेगा। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं के कारण यहां उमस बढ़ेगी। बादल तो दिखेंगे लेकिन शुरुआत में ज्यादा बारिश की उम्मीद कम है। 22 जून के बाद पूर्वी यूपी में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं और 24 से 29 जून के बीच मानसून सक्रिय हो सकता है।

इस बार कम बरसेंगे बादल, किसानों की बढ़ी चिंता

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस साल यूपी में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। प्रदेश में जून से सितंबर तक आमतौर पर करीब 820 से 840 मिलीमीटर बारिश होती है। लेकिन इस बार करीब 8 प्रतिशत तक कम बारिश होने का अनुमान है।

धान की खेती पर पड़ सकता है असर

कम बारिश का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ सकता है। धान की रोपाई में देरी होने की आशंका है और उत्पादन भी प्रभावित हो सकता है। अगर बारिश कमजोर रही तो किसानों को सिंचाई के लिए ट्यूबवेल पर ज्यादा निर्भर रहना पड़ेगा, जिससे बिजली और डीजल का खर्च बढ़ सकता है। बुंदेलखंड और दक्षिण-पश्चिम यूपी के कुछ जिलों में सूखे जैसी स्थिति बनने की आशंका भी जताई जा रही है।

कुल मिलाकर इस बार मानसून राहत तो लेकर आएगा, लेकिन कम बारिश और बीच-बीच में गर्मी किसानों और आम लोगों की परीक्षा ले सकती है।

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