E20 पेट्रोल पर बड़ा खुलासा!: क्या पुरानी गाड़ियों को E20 पेट्रोल से सच में बढ़ गया खतरा? सोशल मीडिया पर फैले इंजन खराब होने की अफवाहों का सच जान रह जाएंगे हैरान, डीलर्स और वाहन कंपनियों नें बताई पूरी सच्चाई
E20 पेट्रोल पर बड़ा खुलासा!

नई दिल्ली: देशभर में 1 अप्रैल 2026 से E20 पेट्रोल (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) की बिक्री अनिवार्य होने के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे वायरल हो रहे हैं। कुछ पोस्ट में कहा जा रहा है कि E20 पेट्रोल से इंजन जल्दी खराब हो सकता है, माइलेज घट जाएगा और पुरानी गाड़ियों को नुकसान पहुंचेगा। इन दावों के बीच पेट्रोलियम डीलर्स और प्रमुख वाहन कंपनियों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए लोगों से अफवाहों पर भरोसा न करने की अपील की है।

क्या E20 पेट्रोल से इंजन खराब होता है?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि उत्कल पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अनुसार, अब तक ऐसा कोई प्रमाणित मामला सामने नहीं आया है जिसमें केवल E20 पेट्रोल की वजह से किसी वाहन का इंजन खराब हुआ हो। डीलर्स का कहना है कि सोशल मीडिया पर चल रहे कई दावों के समर्थन में कोई ठोस तकनीकी प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

कब से लागू हुआ E20 पेट्रोल?

गौरतलब है कि देश में अक्टूबर-नवंबर 2025 से E20 पेट्रोल की व्यापक आपूर्ति शुरू हुई थी। इसके बाद 1 अप्रैल 2026 से सभी सरकारी और निजी तेल कंपनियों के लिए E20 पेट्रोल की बिक्री अनिवार्य कर दी गई। सरकार का उद्देश्य इथेनॉल के उपयोग को बढ़ावा देना, प्रदूषण कम करना और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाना है।

पुरानी गाड़ियों पर क्या असर पड़ेगा?

कुछ तकनीकी अध्ययनों में यह संभावना जताई गई है कि बहुत पुराने वाहनों में लंबे समय तक इस्तेमाल के बाद कुछ रबर पार्ट्स पर अतिरिक्त घिसाव हो सकता है। हालांकि, अब तक ऐसा कोई प्रमाणित मामला सामने नहीं आया है जिससे यह साबित हो कि E20 पेट्रोल से बड़े पैमाने पर इंजन या वाहन को नुकसान हो रहा है।

माइलेज पर पड़ सकता है असर

वाहन कंपनियों ने माना है कि E20 पेट्रोल में ऊर्जा की मात्रा सामान्य पेट्रोल से थोड़ी कम होती है। इसी कारण कुछ वाहनों में माइलेज लगभग 3 से 3.5 प्रतिशत तक कम हो सकता है। हालांकि, इसे सामान्य तकनीकी बदलाव माना जा रहा है और इससे वाहन की सुरक्षा या इंजन की कार्यक्षमता पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ता।

वाहन कंपनियों ने क्या कहा?

विदित है कि मारुति सुजुकी, टोयोटा और हुंडई जैसी कंपनियों का कहना है कि E20 पेट्रोल नई और अधिकांश पुरानी गाड़ियों के लिए सुरक्षित है। कंपनियों के अनुसार अब तक ग्राहकों से E20 के कारण इंजन खराब होने की कोई बड़ी शिकायत नहीं मिली है। स्वतंत्र परीक्षणों में भी किसी गंभीर तकनीकी नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

सोशल मीडिया की अफवाहों से रहें सावधान

विशेषज्ञों का कहना है कि बिना किसी तकनीकी रिपोर्ट या प्रमाण के सोशल मीडिया पर कई भ्रामक दावे फैलाए जा रहे हैं। वाहन मालिकों को सलाह दी गई है कि वे केवल अधिकृत कंपनियों, वाहन निर्माता और सरकारी एजेंसियों की जानकारी पर ही भरोसा करें।

आगे क्या है सरकार की योजना?

सरकार और ऑटोमोबाइल क्षेत्र की एजेंसियां अब E22 और E25 जैसे अधिक इथेनॉल मिश्रित ईंधन पर भी अध्ययन कर रही हैं। यदि परीक्षण सफल रहे, तो भविष्य में इन ईंधनों को भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सकता है।

कुल मिलाकर, फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर E20 पेट्रोल से इंजन खराब होने का कोई प्रमाणित सबूत सामने नहीं आया है। हालांकि, माइलेज में हल्की कमी संभव है। विशेषज्ञों का मानना है कि अफवाहों की बजाय आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना ही सबसे सही कदम है।