अब पूरे देश में एक पासवर्ड से चलेगा Wi-Fi: जानें क्या हैं रेलवे स्टेशन से बाजार तक फ्री इंटरनेट का नया प्लान, OTP का झंझट खत्म, वहीं गाँवों में...आम आदमी को होंगे ये 3 बड़े फायदे?
अब पूरे देश में एक पासवर्ड से चलेगा Wi-Fi

नई दिल्ली : कल्पना कीजिए, आप दिल्ली रेलवे स्टेशन पर Wi-Fi चलाएं, फिर लखनऊ, मुंबई या वाराणसी पहुंचें और बिना नया OTP डाले इंटरनेट अपने आप चलने लगे। अब सरकार कुछ ऐसा ही बड़ा डिजिटल बदलाव लाने की तैयारी में है। Telecom Regulatory Authority of India ने देश में एक नए एडवांस पब्लिक Wi-Fi सिस्टम का खाका तैयार किया है, जिसके तहत पूरे देश में सार्वजनिक Wi-Fi नेटवर्क के लिए एक यूनिफाइड लॉगिन सिस्टम लागू किया जा सकता है। यानी बार-बार OTP डालने की झंझट खत्म हो जाएगी।

देशभर में एक पासवर्ड, 4 लाख हॉटस्पॉट से कनेक्शन

आपकी जानकारी के लिये बता दें कि सरकार का प्लान है कि देश के लगभग 4 लाख पब्लिक Wi-Fi हॉटस्पॉट को एक स्मार्ट सिस्टम से जोड़ा जाए। अभी हर जगह नया OTP चाहिए। नए सिस्टम में एक बार लॉगिन के बाद कई नेटवर्क पर एक्सेस मिल सकेगा। इससे रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बाजार, मॉल, एयरपोर्ट और गांवों तक इंटरनेट इस्तेमाल आसान हो जाएगा।

PM-WANI क्यों नहीं चला? अब क्या बदलेगा?

गौरतलब है कि सरकार ने माना कि पुराना PM-WANI मॉडल लोगों की आदत नहीं बन पाया। इसके पीछे दो बड़ी समस्याएं थीं:

  • यूजर एक्सपीरियंस खराब
  • ऑपरेटरों को कमाई नहीं

अब नया मॉडल पूरी तरह बिजनेस-फ्रेंडली बनाया जा रहा है।

Wi-Fi से कंपनियां कैसे कमाएंगी?

आपको बता दें कि नए सिस्टम में कई मॉडल होंगे:

  • विज्ञापन आधारित इंटरनेट
  • हाई-स्पीड के लिए छोटे रिचार्ज
  • सरकारी सब्सिडी
  • डेटा एनालिटिक्स आधारित कमाई

यानी फ्री इंटरनेट के साथ कंपनियों को भी फायदा होगा।

सबसे बड़ा फायदा आम आदमी को

  • ओटीपी से छुट्टी: अब न हर जगह मोबाइल नंबर डालने की जरूरत, न एसएमएस का इंतजार।
  • UPI होगा और सेफ: भीड़ वाली जगहों पर अक्सर नेटवर्क धीमा हो जाता है और पेमेंट फेल। अब पब्लिक वाई-फाई बचाएगा आपका पैसा।
  • मुफ्त भी, पैसे वाला भी: बेसिक इंटरनेट तो मुफ्त। तेज स्पीड चाहिए तो 10-20 रुपये के छोटे रिचार्ज।

UPI पेमेंट अब ज्यादा सुरक्षित?

विदित है कि सरकार इस सिस्टम में WPA3 सिक्योरिटी स्टैंडर्ड लागू करने की तैयारी में है। इसका फायदा यह होगा कि अब भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षित UPI किया जा सकेगा, जिससे साइबर खतरे कम होंगे और पेमेंट फेल होने की समस्या घटेगी। खासकर रेलवे स्टेशन और बाजारों में इसका बड़ा असर दिख सकता है।

गांवों तक पहुंचेगा ‘कम्युनिटी Wi-Fi’

गौरतलब है कि सरकार का प्लान सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं है। शहरों में हाई-स्पीड नेटवर्क के साथ गांवों में कम लागत वाला “कम्युनिटी Wi-Fi” होगा, जिससे ऑनलाइन पढ़ाई, इलाज, सरकारी सेवाएं और डिजिटल पेमेंट गांवों तक मजबूत तरीके से पहुंच सकेंगे।

भारत अभी कितना पीछे?

आपको बता दें कि आंकड़े चौंकाने वाले हैं। भारत में सिर्फ 2% लोग पब्लिक Wi-Fi इस्तेमाल करते हैं। वहीं दक्षिण कोरिया में 80%, अमेरिका में 70%, यूरोप और चीन में 60% और इंग्लैंड में 50% लोग पब्लिक वाईफ़ाई का इस्तेमाल करते हैं। यानी डिजिटल इंडिया बनने के बावजूद सार्वजनिक इंटरनेट इस्तेमाल में भारत अभी काफी पीछे है।

मोबाइल नेटवर्क पर दबाव होगा कम

आज हर जगह मोबाइल डेटा पर भारी लोड है। वीडियो, AI सेवाएं, ऑनलाइन क्लास और क्लाउड ऐप्स लगातार डेटा खा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत पब्लिक Wi-Fi नेटवर्क इंटरनेट स्पीड बढ़ाएगा, डेटा सस्ता करेगा और नेटवर्क जाम कम करेगा।

अब इंटरनेट सिर्फ सुविधा नहीं, जरूरत बन चुका है। सरकार का यह नया प्लान सिर्फ Wi-Fi बदलने की कोशिश नहीं, बल्कि पूरे डिजिटल ढांचे को रीसेट करने की तैयारी माना जा रहा है। अगर यह मॉडल सफल हुआ, तो आने वाले समय में भारत में इंटरनेट इस्तेमाल मोबाइल डेटा से आगे बढ़कर “हर जगह उपलब्ध सार्वजनिक डिजिटल सुविधा” बन सकता है।

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