मुंबई: एक लाइव कॉमेडी शो में हुई बातचीत अब बड़े विवाद में बदल गई है। '₹370 बिरयानी' से जुड़े वायरल मामले में स्टैंडअप कॉमेडियन और बिग बॉस फेम प्रणित मोरे की मुश्किलें बढ़ गई हैं। महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने इस मामले में प्रणित मोरे सहित कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विवाद इतना बढ़ा कि सोशल मीडिया पर आलोचना के बाद प्रणित मोरे को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी और उन्होंने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट भी डिलीट कर दिया।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
आपको बता दें कि यह मामला गुरुग्राम में हुए प्रणित मोरे के लाइव क्राउड-वर्क कॉमेडी शो से जुड़ा है। शो के दौरान दर्शकों से बातचीत के बीच हिमांशु जांगड़ा नाम के युवक ने अपने डेटिंग अनुभव का जिक्र किया। इसी दौरान उसने कहा कि उसने एक महिला पर करीब ₹360-₹370 की चिकन बिरयानी का खर्च किया था। इसके बाद उसने कुछ ऐसी टिप्पणियां कर दीं जिन्हें सोशल मीडिया पर कई लोगों ने महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक बताया। वीडियो क्लिप वायरल होते ही लोगों ने नाराजगी जतानी शुरू कर दी और मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बन गया।
प्रणित मोरे पर क्यों उठे सवाल?
गौरतलब है कि वायरल वीडियो के बाद कई यूजर्स ने आरोप लगाया कि शो होस्ट कर रहे प्रणित मोरे ने उस समय स्थिति को सही तरीके से संभाला नहीं और टिप्पणी पर प्रतिक्रिया को लेकर भी सवाल उठे। आलोचना बढ़ने के बाद प्रणित मोरे ने सफाई देते हुए कहा कि दर्शक द्वारा कही गई बातें उनके व्यक्तिगत विचार नहीं थे और उन्हें उस समय ज्यादा जिम्मेदारी से प्रतिक्रिया देनी चाहिए थी। उन्होंने वीडियो हटाने और भविष्य में ऐसे मामलों को ज्यादा संवेदनशील तरीके से संभालने की बात कही।
महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने दर्ज की FIR
आपको बता दें कि विवाद बढ़ने के बाद महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, प्रणित मोरे, हिमांशु जांगड़ा और डॉ. सेजल पवार समेत अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। साइबर पुलिस ने संबंधित लोगों को पूछताछ और बयान दर्ज कराने के लिए समन भी जारी किया है। अधिकारियों के मुताबिक मामले की जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
हिमांशु जांगड़ा की नौकरी भी गई
गौरतलब है कि वायरल विवाद का असर हिमांशु जांगड़ा के पेशेवर जीवन पर भी पड़ा। जिस कंपनी में वह काम कर रहे थे, वहां से उन्हें नौकरी से हटा दिया गया। कंपनी की ओर से कहा गया कि वायरल बयान कंपनी के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करते। हालांकि कंपनी ने यह भी बताया कि ऑफिस में उनके व्यवहार को लेकर पहले कोई शिकायत नहीं मिली थी।
कंपनी ने क्या कहा?
विदित है कि कंपनी के संस्थापक ने बताया कि घटना के बाद उन्हें बड़ी संख्या में लोगों के संदेश और प्रतिक्रियाएं मिलीं। इसके बाद टीम से बातचीत की गई। कंपनी के अनुसार, ऑफिस में हिमांशु का व्यवहार सामान्य और पेशेवर बताया गया, लेकिन बाहरी घटना के कारण कंपनी की छवि और माहौल को देखते हुए अलग होने का फैसला लिया गया।
एक और वीडियो को लेकर विवाद
इसी मामले में एक अन्य वायरल वीडियो में डॉ. सेजल पवार के बयान को लेकर भी सवाल उठे। आरोप है कि उन्होंने मेडिकल शिक्षा से जुड़े एक विषय पर ऐसी टिप्पणी की जिसे कई लोगों ने असंवेदनशील बताया। विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने भी माफी जारी की।
सोशल मीडिया के दौर में बढ़ी जिम्मेदारी
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि लाइव शो और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कही गई बातें तेजी से बड़े विवाद का रूप ले सकती हैं। मनोरंजन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ सामाजिक जिम्मेदारी को लेकर भी बहस तेज हो गई है।
फिलहाल पुलिस जांच आगे बढ़ा रही है और आने वाले दिनों में इस मामले में नई जानकारी सामने आ सकती है।