राजस्थान विधानसभा में पेश हुआ 6.11 लाख करोड़ का बजट!: किसानों का कर्ज माफी, छात्रों को फ्री लैपटॉप समेत महिलाओं को...जानें भजनलाल सरकार के बजट में इस बार क्या रहा खास?
राजस्थान विधानसभा में पेश हुआ 6.11 लाख करोड़ का बजट!

जयपुर : राजस्थान विधानसभा में वित्त मंत्री दिया कुमारी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए बड़े ऐलानों की झड़ी लगा दी। इस बार राजस्थान बजट का कुल आकार 6.11 लाख करोड़ रुपये रखा गया है। यह पिछले साल के बजट से 9.37% अधिक है। विकसित राजस्थान @2047 के विजन के साथ पेश इस बजट में युवा, किसान, महिला और कर्मचारी हर वर्ग को साधने की कोशिश की गई है। बजट का आकार से साफ संकेत मिलता है कि सरकार आने वाले वर्षों में आर्थिक विस्तार और सामाजिक योजनाओं दोनों पर एक साथ काम करना चाहती है।

शिक्षा और युवाओं पर सबसे बड़ा फोकस :

आपको बता दें कि इस बार बजट की सबसे बड़ी झलक स्टूडेंट-फ्रेंडली रही। इसके तहत 10वीं-12वीं के मेधावी छात्रों को टैबलेट या लैपटॉप खरीदने के लिए ₹20,000 का ई-वाउचर दिया जाएगा। 1000 स्कूलों में AI आधारित लर्निंग लैब बनाया जाएगा। कक्षा 1-8 के 40 लाख बच्चों को फ्री यूनिफॉर्म, 500 स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा सहित 150 कॉलेजों में रानी लक्ष्मीबाई केंद्र में 50 हजार छात्राओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही नई राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना भी की गई है। इस दौरान मल्टी-लैंग्वेज ट्रेनिंग भी दी जाएगी जिसमें अंग्रेजी, जापानी, फ्रेंच, जर्मन, कोरियन जैसी भाषाएँ सिखाई जाएगी। सरकार का संदेश साफ है कि पढ़ाई सिर्फ किताबों तक नहीं, बल्कि स्किल और टेक्नोलॉजी आधारित होगी।

रोजगार और स्टार्टअप; नौकरी लेने नहीं देने वाला युवा :

गौरतलब है कि सरकार ने युवाओं को नौकरी खोजने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला बनाने का लक्ष्य रखा। जिसके तहत 1 लाख युवाओं को 10 लाख तक कर्ज पर 100% ब्याज अनुदान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री स्वयं रोजगार योजना में ₹1000 करोड़, 3000 संविदा कर्मचारियों की भर्ती, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए भाषा प्रशिक्षण सहित ऑनलाइन टेस्ट सेंटर और स्किल ट्रेनिंग विस्तार किया जाएगा। यह संकेत है कि राज्य स्किल-इकोनॉमी मॉडल की ओर बढ़ रहा है।

किसान और ग्रामीण क्षेत्र के लिए राहत पैकेज :

विदित है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई घोषणाएं की गईं। किसानों को हजारों करोड़ की सहायता, उनका ब्याज माफ, गेहूं MSP पर बोनस, झींगा पालन किसानों को सस्ती बिजली, पेयजल योजना से हजारों गांव जोड़ने का लक्ष्य, प्राकृतिक संसाधन संरक्षण के लिए बजट सहित बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए अलग प्रावधान किया गया है। सरकार का फोकस खेती को आय आधारित व्यवसाय बनाने पर दिखा।

इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरों का विकास :

बजट में बड़े पैमाने पर निर्माण और शहरी सुविधाओं का विस्तार शामिल है। जिसके तहत जयपुर के लिए ₹1000 करोड़, सौर ऊर्जा पार्क के लिए ₹2900 करोड़, 7 लाख रोड लाइट, 2000 CCTV कैमरे सड़क सुरक्षा के लिए, 2325 करोड़ यातायात सुधार, नए एयरपोर्ट की संभावना पर सर्वे, रेलवे ओवरब्रिज और अंडरब्रिज निर्माण सहित जल गुणवत्ता मोबाइल टेस्टिंग लैब की स्थापना भी की जाएगी। इससे राज्य को स्मार्ट और सुरक्षित बनाने की कोशिश साफ दिखी।

ऊर्जा, टेक्नोलॉजी और भविष्य :

आपको बता दें कि इस बजट में राजस्थान को रिन्यूएबल एनर्जी हब बनाने की योजना है। जिसके तहत सौर ऊर्जा विस्तार, 19,200 मेगावॉट क्षमता वृद्धि, स्पेस गैलरी और चिल्ड्रन साइंस गैलरी, खेल विश्वविद्यालय के लिए बजट सहित सैनिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा। यह बजट पारंपरिक योजनाओं के साथ भविष्य की टेक्नोलॉजी को जोड़ने की रणनीति दिखाता है।

महिला और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं :

●छात्राओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण

●लखपति दीदी योजना में कर्ज सीमा बढ़ी

●मुफ्त इलाज योजना

●अनुकंपा नियुक्ति में परिवार को राहत

राजस्थान सरकार ने इस बजट के जरिए विकसित राजस्थान@2047 के सपने को साकार करने की नींव रख दी है। चाहे वह युवाओं के लिए लैपटॉप-टैबलेट हो, किसानों के लिए ब्याज मुक्त कर्ज, महिलाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण या फिर कर्मचारियों के लिए 8वां वेतन आयोग; सरकार ने हर वर्ग को साधने की कोशिश की है। हालांकि, इतने बड़े बजट को जमीन पर उतारना सबसे बड़ी चुनौती होगी। अब देखना यह है कि भजनलाल सरकार अपने इस 'महाबजट' को हकीकत में कितना बदल पाती है। फिलहाल, राजस्थान की जनता के लिए खुशखबरियों का अंबार लग चुका है।

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