नारनौल के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ASJ) DN भारद्वाज ने श्रीराम हत्याकांड में फैसला सुनाते हुए गैंगस्टर पपला गुर्जर को उम्रकैद की सजा सुनाई। पपला गुर्जर को कई अन्य मुकदमों पर भी सजा सुनाई जा चुकी है तो कई मुकदमे अभी विचाराधीन है।
किस मामले में हुई सजा?
2015 में पपला गुर्जर ने श्रीराम नाम के एक बुजुर्ग की हत्या की। डेढ़ साल के भीतर ही उसने श्रीराम की बेटी बिमला, बेटे महेश और भांजे संदीप उर्फ फौजी की भी हत्या की थी। यह हत्या इस लिहाज से भी खौफनाक थी कि पपला गुर्जर ने श्रीराम की हत्या पुलिस सुरक्षा के बीच करवाई थी। इस मामले से पुलिस की खूब किरकिरी हुई। परिणामतः पुलिस ने कार्यवाही की जिसकी परिणीति आज पपला गुर्जर को उम्रकैद की सजा के रूप में सामने आई।
कौन है पपला गुर्जर?
पपला गुर्जर उर्फ विक्रम हरियाणा एवं राजस्थान का नामी गैंगस्टर है। दस वर्ष पूर्व उसकी पहचान सिर्फ एक पहलवान के रूप में थी। वह महेंद्रगढ़ जिले के खैरोली गांव का रहने वाला था। अपने गुरु शक्ति पहलवान उर्फ दूधिया की हत्या का बदला लेने का भूत विक्रम पर सवार हुआ जिसने उसे पहलवान विक्रम से गैंगस्टर पपला गुर्जर बना डाला।
शक्ति पहलवान की हत्या का बदला
➡️ 4 फरवरी 2014 को पपला गुर्जर के गुरु शक्ति पहलवान की हत्या कुख्यात बदमाश सुरेंद्र उर्फ चीकू ने कर दी। पपला को ज्ञात हुआ कि खैरोली गांव के संदीप उर्फ फौजी ने शक्ति पहलवान की मुखबिरी की थी। पुलिस ने शक्ति पहलवान की हत्या के मामले में सुरेंद्र उर्फ चीकू के साथ संदीप को भी गिरफ्तार किया था।
➡️ गुरु की हत्या का बदला लेने के लिए हत्या के एक महीने बाद मार्च 2014 में पपला गुर्जर संदीप के घर पहुंचा और संदीप की मां पर हमला किया। संदीप की मां बिमला के हाथ पैर तोड़ दिए। बिमला को उस वक्त अस्पताल पहुंचाने वाला कोई नहीं था।
➡️ महेंद्रगढ़ के बिहारीपुर गांव में रहने वाले बिमला के भाई महेश और पिता श्रीराम बिमला को लेने खैरोली गांव पहुंचे। श्रीराम बेटी बिमला को एम्बुलेंस में लेकर निकले। वही भाई महेश बाइक से वापस लौट रहा था। पपला गुर्जर ने रास्ते में गुलावला गांव के पास अपने साथियों के साथ महेश को रोका और पीट पीट कर उसे मौत के घाट उतार दिया।
2015 में संदीप को मिली जमानत
➡️ शक्ति पहलवान हत्या के मामले में संदीप को जमानत मिली। इसी बीच जनवरी 2015 में सुनवाई के लिए नारनौल कोर्ट पहुंचे संदीप पर पपला गुर्जर और उसके गैंग ने अटैक कर मौत के घाट उतार दिया। इस तरह पपला पर हत्या का दूसरा मामला दर्ज हुआ।
➡️ इसी बीच अगस्त 2015 ने पपला ने संदीप की मां बिमला पर फिर से हमला किया। इस बार बिमला पर 23 गोलियां चलाई गई, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। एक के बाद एक हो रही हत्या के कारण महेंद्रगढ़ पुलिस ने संदीप के नाना श्रीराम को पुलिस सुरक्षा प्रदान की।
➡️ 16 नवंबर 2015 को संदीप हत्याकांड के गवाह संदीप के नाना श्रीराम की सुरक्षा में दो पुलिसकर्मी तैनात थे। इसी बीच पपला गुर्जर और उसके गैंग ने श्रीराम के घर हमला किया और श्रीराम को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस सुरक्षा में हुई हत्या से महेंद्रगढ़ पुलिस की खूब किरकिरी होने लगी।
पुलिस कस्टडी से दो बार हो चुका है फरार
12 फरवरी 2016 को महेंद्रगढ़ पुलिस ने पपला गुर्जर को गिरफ्तार किया लेकिन डेढ़ साल बाद ही 5 सितंबर 2017 को महेंद्रगढ़ कोर्ट में फायरिंग कर पपला गुर्जर गैंग उसे छुड़ा ले गया। उसके बाद वह 2020 में राजस्थान की बहरोड़ पुलिस द्वारा पकड़ा गया लेकिन फिर एक बार उसकी गैंग के बदमाशों ने AK 47 से अंधाधुंध फायरिंग कर पपला गुर्जर को भगा लिया। अंततः 28 जनवरी 2021 में राजस्थान पुलिस ने उसे महाराष्ट्र से पकड़ा। इसके बाद से वह हरियाणा एवं राजस्थान की जेलों में कैद था और अब उसे कोर्ट द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।