नई दिल्ली : किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से जुड़े करोड़ों किसानों के लिए अहम खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने KCC योजना से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए बदलावों का मकसद किसानों को दिए जाने वाले कृषि ऋण की प्रक्रिया को ज्यादा सरल, पारदर्शी और एक समान बनाना है। बदले हुए नियम जनवरी 2026 से लागू होंगे।
नई व्यवस्था के तहत सबसे बड़ा बदलाव फसल सीजन की परिभाषा को लेकर किया गया है। अब देशभर में फसल अवधि को लेकर एक समान नियम लागू होंगे, जिससे बैंकों को ऋण स्वीकृति और पुनर्भुगतान की समय-सीमा तय करने में आसानी होगी।
अब फसल सीजन की तय होगी एक समान अवधि
आपको बता दें कि RBI ने फसल सीजन की परिभाषा को आय मान्यता और संपत्ति वर्गीकरण (IRAC) नियमों के अनुरूप बदला है। इसके तहत कम अवधि वाली फसलों के लिए फसल सीजन 12 महीने और लंबी अवधि वाली फसलों के लिए 18 महीने माना जाएगा। फसल सीजन में खेती शुरू करने से लेकर फसल की कटाई और बाजार में बिक्री तक का समय शामिल होता है। इस बदलाव से अलग-अलग क्षेत्रों में ऋण अवधि को लेकर होने वाली असमानता कम होने की उम्मीद है।
₹2 लाख तक के कृषि लोन पर बड़ी राहत
गौरतलब है कि नए नियमों में किसानों को छोटे कृषि ऋण पर राहत दी गई है। RBI के अनुसार बैंकों को प्रति किसान ₹2 लाख तक के कृषि ऋण पर गारंटी सुरक्षा और मार्जिन की जरूरत खत्म करनी होगी। इसमें खेती के साथ-साथ कृषि से जुड़ी अन्य गतिविधियों के लिए लिए जाने वाले ऋण भी शामिल होंगे। इससे छोटे और सीमांत किसानों को आसानी से कर्ज मिलने में मदद मिलेगी।
बिना गारंटी लोन सीमा बढ़ाने पर फिलहाल रोक
हालांकि RBI ने बिना गारंटी वाले कृषि ऋण की सीमा को और बढ़ाने के सुझावों को स्वीकार नहीं किया है। केंद्रीय बैंक के अनुसार इस सीमा में दिसंबर 2024 में बदलाव किया जा चुका है, इसलिए फिलहाल इसमें और बढ़ोतरी की योजना नहीं है।
₹3 लाख तक के लोन में भी मिल सकती है छूट
अगर किसान क्रेडिट कार्ड के तहत लिया गया ऋण फसल या स्टॉक को गिरवी रखकर लिया जाता है, तो बैंक अपनी नीति के अनुसार ₹3 लाख तक के ऋण पर गिरवी से जुड़ी कुछ शर्तों में राहत दे सकते हैं। इसके साथ ही बैंकों को किसानों की जरूरतों के अनुसार फसल उत्पादन और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए अल्पकालिक ऋण सीमा की समय-समय पर समीक्षा और नवीनीकरण करना होगा।
किसानों और बैंकिंग सिस्टम दोनों को मिलेगा फायदा
आपको बता दें कि RBI के इन बदलावों से जहां किसानों के लिए कृषि ऋण लेना आसान होगा, वहीं बैंकों के लिए भी KCC लोन की निगरानी और भुगतान व्यवस्था ज्यादा व्यवस्थित हो सकेगी।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसान क्रेडिट कार्ड योजना में एकरूपता आएगी और किसानों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।