ऑनलाइन फ्रॉड को लेकर बैंकिंग सिस्टम में बड़ा बदलाव!: अब एक OTP से नहीं कटेंगे पैसे, बुजुर्गों को साइबर ठगी से बचाने के लिए आया नया 'Double OTP सिस्टम', पहला OTP आपके पास, वहीं दूसरा...जानें कैसे काम करेगा ये नया सिस्टम?
ऑनलाइन फ्रॉड को लेकर बैंकिंग सिस्टम में बड़ा बदलाव!

सुरक्षा/तकनीकी : देश में तेजी से बढ़ रहे साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन बैंकिंग स्कैम के बीच अब बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। फर्जी कॉल, KYC अपडेट, लिंक और OTP स्कैम के जरिए लोगों के बैंक खाते खाली करने वाले साइबर ठगों पर लगाम लगाने के लिए अब नया Double OTP System शुरू किया गया है। हरियाणा पुलिस और HDFC बैंक ने मिलकर इस खास सुरक्षा व्यवस्था की शुरुआत की है। इस सिस्टम को खासतौर पर वरिष्ठ नागरिकों को ऑनलाइन ठगी से बचाने के लिए तैयार किया गया है।

अब सिर्फ OTP जान लेने से नहीं होगा फ्रॉड

आपको बता दें कि अब तक ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के दौरान केवल एक OTP से पैसा ट्रांसफर हो जाता था। कई बार साइबर ठग फोन कॉल या फर्जी मैसेज के जरिए लोगों से OTP हासिल कर लेते थे और मिनटों में अकाउंट खाली कर देते थे। लेकिन अब नया सिस्टम ठगों के लिए बड़ी मुश्किल बन सकता है।

दो बार आएगी OTP

आपको बता दें कि नई व्यवस्था के तहत—

पहला OTP खाताधारक के मोबाइल पर आएगा

दूसरा OTP परिवार के भरोसेमंद सदस्य के मोबाइल पर भेजा जाएगा

दोनों OTP डालने के बाद ही ट्रांजैक्शन पूरा होगा। यानि अगर ठग पहला OTP हासिल भी कर ले, तब भी दूसरा OTP बिना ट्रांजैक्शन संभव नहीं होगा।

बुजुर्गों के लिए सुरक्षा की ‘डिजिटल ढाल’

विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर अपराधियों के सबसे आसान निशाने बुजुर्ग लोग होते हैं। कम डिजिटल जानकारी, घबराहट और फर्जी कॉल्स के दबाव में कई वरिष्ठ नागरिक OTP साझा कर देते हैं। इसी खतरे को देखते हुए यह डबल OTP व्यवस्था लाई गई है। यह सिस्टम एक तरह से “Human Firewall” की तरह काम करेगा। अगर बुजुर्ग गलती से OTP शेयर भी कर दें, तब भी परिवार के सदस्य के पास आया दूसरा OTP ठगों के पास नहीं होगा। इससे फ्रॉड रुक सकता है और समय रहते परिवार सतर्क हो सकता है।

कैसे काम करेगा नया Double OTP System?

जब कोई वरिष्ठ नागरिक अपने बैंक खाते से बड़ा ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करेगा, तब—

पहला स्टेप

बैंक सामान्य तरीके से पहला OTP खाताधारक के मोबाइल पर भेजेगा।

दूसरा स्टेप

पहले OTP की पुष्टि के बाद दूसरा OTP या Approval परिवार के चुने गए सदस्य के मोबाइल पर जाएगा।

तीसरा स्टेप

दोनों OTP सही डालने के बाद ही पैसा ट्रांसफर होगा। अगर दूसरा OTP नहीं डाला गया, तो ट्रांजैक्शन अपने आप रुक जाएगा।

फिलहाल इन शहरों में शुरू हुआ सिस्टम

रिपोर्ट्स के मुताबिक HDFC बैंक ने फिलहाल गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला की करीब 50 शाखाओं में इस सुविधा को स्वैच्छिक आधार पर शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल की पहल पर इस मॉडल पर 14 अप्रैल 2026 से काम शुरू किया गया था। अगर यह प्रयोग सफल रहता है, तो आने वाले समय में इसे देशभर में लागू किया जा सकता है।

क्यों जरूरी हो गया ऐसा सिस्टम?

विदित है कि पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़े हैं। ठग अब फर्जी कस्टमर केयर बनकर, बैंक अधिकारी बनकर, KYC अपडेट के नाम पर, WhatsApp लिंक भेजकर और स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं। सबसे ज्यादा नुकसान बुजुर्गों को हो रहा है, क्योंकि वे कई बार तकनीकी जाल को समझ नहीं पाते।

फिर भी इन बातों का रखें ध्यान

सिर्फ नया सिस्टम ही काफी नहीं है। लोगों को खुद भी सतर्क रहना होगा। याद रखें:

किसी को OTP शेयर न करें

बैंक कभी फोन पर OTP नहीं मांगता

अनजान लिंक पर क्लिक न करें

स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड न करें

फर्जी KYC मैसेज से बचें

डबल OTP सिस्टम को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में बैंकिंग सुरक्षा के लिए ऐसे मल्टी-लेयर वेरिफिकेशन सिस्टम जरूरी हो जाएंगे। अगर यह मॉडल सफल हुआ, तो ऑनलाइन बैंकिंग में ठगी के मामलों में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।

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