LPG की बदबू क्यों होती है और यह कितनी खतरनाक है?
अगर आपके घर में अचानक सड़े अंडे जैसी तेज बदबू फैल जाए तो समझिए कि स्थिति बेहद गंभीर है, क्योंकि LPG असल में बिना गंध की गैस होती है, लेकिन इसमें एथिल मर्कैप्टन नाम का रसायन मिलाया जाता है ताकि थोड़ी सी भी गैस बाहर आने पर उसकी तीखी बदबू लोगों को तुरंत सचेत कर दे।
यही बदबू असल में जीवन बचाने वाला संकेत होती है, क्योंकि गैस कमरे में भर जाए तो हल्की-सी चिंगारी भी बड़ा धमाका करा सकती है।
बदबू आते ही लोग सबसे ज्यादा यही खतरनाक गलतियाँ करते हैं
गैस की बदबू महसूस होते ही कई लोग घबराकर वही गलतियाँ कर बैठते हैं, जो सेकंडों में घर को आग और विस्फोट का शिकार बना देती हैं जैसे कमरे की लाइट ऑन करना, पंखा चलाना, मोबाइल चार्जर लगाना, स्टोव जलाना या सिलेंडर-रेगुलेटर को हिलाना।
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इन सामान्य हरकतों से पैदा हुई मामूली चिंगारी भी फैली हुई गैस को तुरंत पकड़ लेती है और धमाका होना तय है।
तुरंत क्या करना चाहिए, जानिए जान बचाने वाले कदम
गैस की बदबू आते ही सबसे पहले घबराएँ नहीं। चूल्हे के सभी नॉब बंद कर दें, सिलेंडर का रेगुलेटर न छेड़ें, दरवाज़े-खिड़कियाँ खोल दें और गैस को बाहर निकलने दें। घर में मौजूद कोई भी इलेक्ट्रॉनिक स्विच, पंखा, फ्रिज, मोटर, चार्जर या लाइट को हाथ न लगाएँ।
अगर बदबू बहुत तेज हो तो रेगुलेटर हटाकर सिलेंडर पर सेफ्टी कैप लगा दें और 1906, LPG Emergency हेल्पलाइन पर तुरंत कॉल करें। यह कदम कई घरों को बड़े हादसों से बचा चुका है।
गैस लीकेज के पीछे कौन-कौन सी वजहें निकलती हैं?
देशभर में हुए अधिकांश LPG दुर्घटनाओं की वजहें लगभग एक जैसी पाई गई हैं फटी या पुरानी गैस पाइप, 5 साल से पुराना रेगुलेटर, चूहों द्वारा कटा हुआ पाइप, बर्नर चोक होना, सिलेंडर का ठीक से फिट न होना, पाइप का अधिक गर्म होना, या कनेक्शन ढीला होना। कई बार लोग सालों तक एक ही पाइप और रेगुलेटर चलाते रहते हैं, जो धीरे-धीरे खतरा बन जाता है।
गैस लीकेज को पहचानने के 7 पक्के संकेत
बदबू के साथ-साथ कई अन्य संकेत भी बताते हैं कि गैस लीक हो रही है जैसे बर्नर की लौ पीली पड़ना, चूल्हे के पास सिसकारी की आवाज आना, दम घुटने जैसा एहसास, पाइप पर तेल जैसा निशान दिखना, बर्नर का बार-बार बुझ जाना, या किचन के सामान का हल्का-सा खिसकना। इन छोटे-छोटे बदलावों को कभी नजरअंदाज न करें।
हालिया हादसे बताते हैं, छोटी गलती से मिनटों में बड़ी त्रासदी
पिछले महीनों में देश के कई हिस्सों में ऐसे हादसे हुए हैं जहाँ परिवार ने सिर्फ एक स्विच ऑन किया और छिपी हुई गैस ने पूरा कमरा आग में बदल दिया।
कई घरों में बासी पाइप और पुराने रेगुलेटर सबसे बड़े अपराधी पाए गए। फायर डिपार्टमेंट के अनुसार, गैस रिसाव की वजह से होने वाले धमाकों में मौत का खतरा बेहद ज्यादा होता है क्योंकि धमाका बहुत तेज और अचानक होता है।
घर में ये सुरक्षा सामान जरूर रखें
LPG Leak Detector आजकल घरों में बेहद जरूरी माना जाता है, जो 300–400 रुपये में मिल जाता है और गैस रिसाव होते ही अलार्म बजाकर चेतावनी दे देता है।
इसके साथ Dry Chemical Powder Fire Extinguisher और मोटा गीला कंबल भी घर में होना चाहिए, क्योंकि आग लगने की स्थिति में इन्हें उपयोग में लाकर सिलेंडर को तुरंत ढंका जा सकता है। इससे आग की लपटें फैलने का खतरा कम हो जाता है।
सरकार की गाइडलाइन, पाइप और रेगुलेटर कब बदलें?
गैस पाइप को हर दो साल में और रेगुलेटर को हर पांच साल में बदलना अनिवार्य माना जाता है। साथ ही पाइप हमेशा ISI मार्क वाला ही इस्तेमाल करें। गैस कंपनियाँ लगातार लोगों को चेतावनी देती हैं कि पाइप और रेगुलेटर की उम्र बढ़ाने की कोशिश कभी न करें, क्योंकि यही चीज़ें धमाकों का सबसे बड़ा कारण बनती हैं।
अंतिम चेतावनी, LPG की बदबू मज़ाक नहीं है
एक्सपर्ट्स का कहना है कि LPG की बदबू आने के बाद 2–3 मिनट के भीतर अगर गलत कदम उठाए गए तो धमाका लगभग निश्चित है। इसलिए किसी भी बदबू को हल्के में न लें, बिजली से जुड़ी किसी भी चीज़ को हाथ न लगाएँ, गैस को बाहर निकलने का रास्ता दें और जरूरत पड़ने पर तुरंत हेल्पलाइन और फायर विभाग को बुलाएँ। एक छोटा सही कदम आपकी जान और आपके पूरे परिवार की सुरक्षा कर सकता है।