भजनलाल सरकार का बड़ा ऐलान!: जयपुर-जोधपुर-उदयपुर बनेंगें मैन्युफैक्चरिंग हब, किसानों को बड़ी सौगात, वहीं बीकानेर...जानें राजस्थान कैबिनेट के बड़े फैसले?
भजनलाल सरकार का बड़ा ऐलान!

जयपुर : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई राजस्थान कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक

राजस्थान कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में ऐसे बड़े फैसले लिए गए हैं, जिनका सीधा असर राज्य की अर्थव्यवस्था, रोजगार, किसानों और एनआरआई राजस्थानियों पर पड़ेगा। बैठक के बाद मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने प्रेस को बताया कि सरकार ने कई ऐतिहासिक नीतियों को मंजूरी दी है, जो आने वाले वर्षों में राजस्थान की तस्वीर बदलने वाली हैं।

ग्लोबल कैपेसिटी पॉलिसी 2025 से राजस्थान बनेगा मैन्युफैक्चरिंग हब!

आपको बता दें कि मंत्री राठौड़ ने बताया कि कैबिनेट ने राजस्थान ग्लोबल कैपेसिटी पॉलिसी (GCC) 2025 को हरी झंडी दे दी है। यह नीति राज्य में औद्योगिक निवेश, तकनीकी कौशल और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग को एक साथ बढ़ावा देगी।

पॉलिसी के बड़े फायदे:

विदेशी व घरेलू कंपनियों को एक ही प्लेटफॉर्म पर निवेश + उत्पादन + स्किल ट्रेनिंग की सुविधा
युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार
निवेशकों को तेज मंजूरी, वन-स्टॉप समाधान

सरकार का दावा है कि यह नीति राजस्थान को अगले 5 वर्षों में भारत के टॉप टेक-राज्यों में शामिल कर देगी।

जयपुर–उदयपुर–जोधपुर बनेंगे GCC हब

गौरतलब है कि कैबिनेट ने तीन शहरों को हाई-टेक औद्योगिक हब बनाने की मंजूरी दी है—

जयपुर – फाइनेंस, IT और स्टार्टअप्स
उदयपुर – मैन्युफैक्चरिंग और टेक
जोधपुर – प्रोसेस मैनेजमेंट और टेक्नोलॉजी

यह पहली बार है जब राजस्थान तीन सुपर-सिटी मॉडल पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

प्रवासी राजस्थानियों के लिए अलग विभाग; अब सीधा जुड़ाव विदेशों तक!

गौरतलब है कि कैबिनेट ने एक और बड़ा फैसला लेते हुए राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रवासी राजस्थानी विभाग बनाने को मंजूरी दी है। इस विभाग की जिम्मेदारी:

दुनिया में बसे राजस्थानियों से सीधा संवाद
निवेश, रोजगार और सांस्कृतिक कार्यक्रम
शिकायतों का तुरंत समाधान
NRIs के लिए विशेष पोर्टल
‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ व सम्मान समारोह का आयोजन

सरकार का मानना है कि इस कदम से विदेशों में बसे लाखों राजस्थानियों का योगदान राज्य को नई दिशा देगा।

किसानों व ऊर्जा क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात; 9,600 करोड़ की थर्मल परियोजना, 6,000 करोड़ की सोलर परियोजनाएं

विदित है कि बैठक में ऊर्जा क्षेत्र को लेकर दो बड़े निर्णय लिए गए—

सिंगरेनी कोलियरीज के साथ ज्वाइंट वेंचर
9,600 करोड़ की लागत
800 मेगावाट क्षमता का कोयला आधारित पावर प्लांट

इससे राज्य की बिजली जरूरतों को बड़ा सहारा मिलेगा।

बीकानेर व चित्तौड़गढ़ में 1,500 MW की सोलर परियोजनाएं

मीटिंग में राजस्थान को भारत का सबसे बड़ा ग्रीन-एनर्जी हब बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है। इसमें कुल 6000 करोड़ रुपये के निवेश किये जायेंगे। इन सौर परियोजनाओं के लिए जमीन का बड़ा आवंटन किया है।

बीकानेर – 161.45 हेक्टेयर (करणीसर और भाटियान)
चित्तौड़गढ़ – 356.25 हेक्टेयर (खरनाई गांव)

सरकार का दावा है कि इससे हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा और प्रदेश की ग्रीन एनर्जी क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।

कॉलेजों के नाम बदलने के प्रस्ताव को भी मंजूरी

गौरतलब है कि सिरोही जिले के दो सरकारी कॉलेजों के नाम दानदाताओं के नाम पर किए जाएंगे:

राजकीय महाविद्यालय कालंद्री → संघवी हीराचंदजी फूलचंदजी राजकीय महाविद्यालय कालंद्री
राजकीय महाविद्यालय कैलाश नगर → मातुश्री पुरीबाई पुनमाजी माली टोरसो राजकीय महाविद्यालय कैलाश नगर

IT, फाइनेंस और टेक कंपनियों के लिए तेज मंजूरी – राजस्थान बनेगा टेक स्टेट

कैबिनेट ने IT और टेक कंपनियों को विशेष रियायतें देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इससे तेज औद्योगिक मंजूरी मिलेगी, ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार होगा साथ ही युवाओं के लिए हज़ारों उच्च वेतन वाली नौकरियां आएंगी।

कैबिनेट के फैसलों का सीधा असर

कैबिनेट के फैसलों का सीधा असर राजस्थान की अर्थव्यवस्था, रोजगार, ऊर्जा क्षमता, टेक्नोलॉजी सेक्टर और ग्लोबल कनेक्टिविटी पर पड़ेगा। विशेष रूप से GCC नीति और ऊर्जा परियोजनाएं राजस्थान को अगले 3–5 साल में भारत के शीर्ष निवेश राज्यों में लाकर खड़ा कर देंगी।

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