NEET Re Exam; 21 जून तक 'लॉकडाउन' में रहेंगे NEET पेपर बनाने वाले एक्सपर्ट!: एयरफोर्स की मदद से पहुंचेंगे प्रश्नपत्र, वही तीन स्तरीय जाँच-GPS निगरानी...NEET री-एग्जाम को लेकर होने वाले बदलाव_एक नज़र
NEET Re Exam; 21 जून तक 'लॉकडाउन' में रहेंगे NEET पेपर बनाने वाले एक्सपर्ट!

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल नीट-यूजी को लेकर इस बार सुरक्षा के ऐसे इंतजाम किए जा रहे हैं, जो पहले कभी नहीं देखे गए। पेपर लीक विवाद के बाद सरकार और परीक्षा एजेंसी किसी भी तरह की चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहती। 21 जून को होने वाले NEET-UG री-एग्जाम को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कई स्तरों पर सुरक्षा व्यवस्था तैयार की गई है। परीक्षा केंद्र से लेकर प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया तक हर कदम पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

पेपर सेट करने वाले एक्सपर्ट 'लॉकडाउन' में, दुनिया से कटे रहेंगे संपर्क

आपको बता दें कि इस बार सबसे ज्यादा सुरक्षा प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में बरती जा रही है। पेपर तैयार करने वाले प्रोफेसर, विषय विशेषज्ञ, अनुवाद और समीक्षा से जुड़े लोगों को एक सुरक्षित और गुप्त स्थान पर रखा गया है। इन सभी को परीक्षा खत्म होने तक बाहरी दुनिया से पूरी तरह अलग रखा जाएगा।
सुरक्षा नियमों के तहत—

  • मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं
  • इंटरनेट और लैपटॉप पर रोक
  • स्मार्टवॉच जैसे डिजिटल उपकरण भी प्रतिबंधित
  • बाहरी लोगों से संपर्क पूरी तरह बंद

यह व्यवस्था 21 जून को परीक्षा पूरी होने तक जारी रहेगी, ताकि पेपर की गोपनीयता हर हाल में बनी रहे।

5 लाख से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों का पहरा, परीक्षा केंद्र बनेंगे हाई सिक्योरिटी जोन

गौरतलब है कि री-नीट परीक्षा के लिए देशभर के परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। केंद्रों पर तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। मुख्य गेट से लेकर परीक्षा कक्ष तक हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। स्थानीय पुलिस और सुरक्षा टीमों को तैनात किया जाएगा, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत रोका जा सके।

फेशियल रिकग्निशन और बायोमेट्रिक से होगी पहचान

फर्जी परीक्षार्थियों को रोकने के लिए इस बार टेक्नोलॉजी का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जाएगा। परीक्षा केंद्रों पर—

  • फेशियल रिकग्निशन सिस्टम
  • डिजिटल बायोमेट्रिक जांच
  • पहचान पत्र का मिलान

जैसी व्यवस्थाएं लागू रहेंगी। इसका मकसद है कि कोई दूसरा व्यक्ति किसी उम्मीदवार की जगह परीक्षा में शामिल न हो सके।

हर सेंटर पर CCTV, दिल्ली से होगी लाइव निगरानी

परीक्षा केंद्रों को CCTV निगरानी के दायरे में रखा जाएगा। इन कैमरों की लाइव फीड केंद्रीय कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी, जहां से अधिकारियों की टीम लगातार नजर रखेगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की व्यवस्था रहेगी।

पेपर पहुंचाने के लिए भी हाई सिक्योरिटी प्लान

प्रश्नपत्रों की प्रिंटिंग, पैकिंग, स्टोरेज और ट्रांसपोर्टेशन को भी कई सुरक्षा चरणों में बांटा गया है। पेपर को सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्था तैयार की जा रही है। सुरक्षा के लिए एयरफोर्स की भी मदद लेने की तैयारी चल रही है। पूरी प्रक्रिया इस तरह बनाई गई है कि किसी एक व्यक्ति या समूह के पास पूरी जानकारी न रहे।

सोशल मीडिया पर भी 24 घंटे नजर

पेपर लीक की अफवाहों और फर्जी दावों को रोकने के लिए डिजिटल निगरानी भी बढ़ा दी गई है। व्हाट्सएप, टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। फर्जी पेपर या अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की तैयारी है।

551 भारतीय और 14 विदेशी शहरों में होगी परीक्षा

आपको बता दें कि री-एग्जाम 21 जून 2026 को आयोजित किया जाएगा। परीक्षा का समय दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक रहेगा। यह परीक्षा पेन और पेपर मोड में होगी। इसके लिए भारत के 551 शहरों और विदेशों के 14 शहरों में केंद्र बनाए गए हैं।

22 लाख से ज्यादा छात्रों के भविष्य की परीक्षा

नीट विवाद के बाद लाखों छात्रों और उनके परिवारों की नजर इस परीक्षा पर टिकी हुई है। सरकार और एजेंसी का दावा है कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले से ज्यादा मजबूत बनाया गया है, ताकि परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी हो सके।

21 जून को होने वाली यह परीक्षा सिर्फ छात्रों की योग्यता की नहीं, बल्कि देश की परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा बहाल करने की भी बड़ी चुनौती मानी जा रही है।

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