नई दिल्ली : लोकसभा चुनाव के बाद विपक्षी दलों के गठबंधन INDI की बड़ी बैठक दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई। इस बैठक में विपक्ष के कई प्रमुख दलों ने हिस्सा लिया और आने वाले समय में केंद्र सरकार को घेरने की रणनीति पर चर्चा की। बैठक के बाद विपक्षी नेताओं ने दावा किया कि कई राष्ट्रीय मुद्दों पर सभी दलों के बीच सहमति बनी है और इन मुद्दों को संसद से लेकर सड़क तक उठाने की तैयारी की जाएगी।
25 पार्टियों के नेताओं ने रखी अपनी राय
आपको बता दें कि बैठक में INDI गठबंधन से जुड़े 25 दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी नेताओं ने मौजूदा राजनीतिक हालात, चुनावी प्रक्रिया, बेरोजगारी, महंगाई और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बैठक के बाद बताया कि लंबी चर्चा के बाद गठबंधन पांच बड़े मुद्दों पर एकजुट हुआ है और इन्हें आगे मजबूती से उठाया जाएगा।
इन 5 मुद्दों पर बनी सहमति
बैठक में जिन प्रमुख मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों में सहमति बनी, उनमें शामिल हैं—
1. वोटर लिस्ट और SIR का मुद्दा
गौरतलब है कि विपक्ष ने वोटर लिस्ट में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। गठबंधन ने इस मुद्दे को आगे उठाने का फैसला किया है।
2. जांच एजेंसियों के इस्तेमाल का आरोप
विपक्षी दलों ने केंद्रीय जांच एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर भी चिंता जताई और इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई।
3. गैर-बीजेपी शासित राज्यों से भेदभाव का आरोप
बैठक में विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि गैर-बीजेपी सरकार वाले राज्यों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। इस मुद्दे को भी राजनीतिक स्तर पर उठाने का निर्णय लिया गया।
4. पेपर लीक मामले पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
NEET और अन्य परीक्षाओं से जुड़े विवादों को लेकर विपक्ष ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाने का फैसला किया। विपक्ष का कहना है कि लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए।
5. महंगाई, बेरोजगारी और विदेश नीति पर सरकार को घेरने की तैयारी
गठबंधन ने देश की आर्थिक स्थिति, रोजगार, किसानों की समस्याओं और विदेश नीति जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाने का फैसला किया है।
CJI को भेजा जाएगा पत्र
आपको बता दें कि बैठक में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र भेजने पर भी सहमति बनी। विपक्षी नेताओं के अनुसार, वोटर लिस्ट और चुनाव से जुड़े अपने आरोपों को लेकर वे न्यायपालिका के सामने अपनी बात रखेंगे।
संसद में मिलकर रणनीति बनाएगा विपक्ष
बैठक में यह भी तय किया गया कि विपक्षी दलों के बीच बेहतर तालमेल बनाया जाएगा। संसद सत्र के दौरान विपक्षी नेता नियमित बैठक करेंगे, ताकि अलग-अलग मुद्दों पर साझा रणनीति बनाई जा सके। साथ ही गठबंधन की बैठक हर दो महीने में आयोजित करने पर भी सहमति बनी है।
आगे की राजनीतिक लड़ाई की तैयारी
विपक्षी दलों का कहना है कि आने वाले समय में वे जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे। वहीं सरकार की ओर से विपक्ष के आरोपों को पहले भी कई बार राजनीतिक बताया जाता रहा है।
फिलहाल इस बैठक के बाद यह साफ है कि आने वाले संसद सत्र और राजनीतिक माहौल में सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।